बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर चिराग और मांझी ने बनाई रणनीति, प्रशांत किशोर गठबंधन की चर्चा में नया मोड़

 

Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे की चर्चा और रणनीति जोर पकड़ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में जेडीयू और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सीटों का आकलन और सहयोगी दलों से बातचीत में जुटे हैं। बीजेपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और पार्टी प्रभारी विनोद तावड़े लगातार सहयोगी नेताओं से मुलाकात कर उनके रुख और मांगों का अध्ययन कर रहे हैं।

सीटों की मांग और रणनीति

सूत्रों के मुताबिक, एलजेपी-आर नेता चिराग पासवान ने 30 सीटों की मांग रखी है, जबकि जेडीयू के सहयोगी केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी 15 सीटों का दावा कर रहे हैं। 243 सीटों के ढांचे में इन दोनों नेताओं को मिलकर 45 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं, बीजेपी और जेडीयू अपने हिस्से की 100 से कम सीटें नहीं लड़ेंगे, और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार को बीजेपी से कम से कम एक सीट ज्यादा चाहिए।

दिल्ली में हुई बैठकों में सीटों का प्रारंभिक ऑफर दिया गया और प्रतिक्रियाओं पर विचार किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अब असली सीट शेयरिंग की बातचीत प्रारंभ होगी और पहले के बयान रणनीतिक दबाव के तौर पर पेश किए गए थे।

प्रशांत किशोर के गठबंधन की चर्चा

चिराग पासवान और रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच गठबंधन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह कदम बिहार के सामाजिक और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
    •    इस गठबंधन से चिराग पासवान के राजनीतिक प्रभाव में वृद्धि हो सकती है।
    •    गठबंधन बिहार में मतदाता, युवा और पिछड़े वर्ग के वोट बैंक पर असर डाल सकता है।
    •    सीट बंटवारे के साथ ही यह गठबंधन चुनावी रणनीति और राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

अगले कदम

बीजेपी और जेडीयू के नेताओं के बीच राउंड-दर-राउंड चर्चा जारी है। सूत्रों के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों में सीट बंटवारे और गठबंधन की रूपरेखा अंतिम रूप ले सकती है। इसके बाद एनडीए के अंदर सीटों का औपचारिक ऐलान होगा।

इस बीच, बिहार की राजनीतिक हवा में हलचल तेज है और चुनावी माहौल में नया मोड़ देखने को मिल सकता है।