Bihar Assembly Session 2025:
तीन दिग्गज हस्तियों को सदन का भावपूर्ण नमन, शोक प्रस्ताव के दौरान छाया सन्नाटा
Bihar Assembly Session 2025: बिहार विधानसभा के सत्र में आज का माहौल सामान्य कार्यवाही से बिल्कुल अलग और भावुकता से भरा रहा। स्पीकर प्रेम कुमार ने सदन में तीन वरिष्ठ नेताओं—पूर्व विधायक श्रीचंद्र सिंह, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं बिहार विधानसभा के पूर्व सदस्य शिबू सोरेन, और बिहार के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक—के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा, तो पूरा सदन शोक की गंभीरता में थम-सा गया।
इमामगंज से 1980 और 1985 में विधायक रहे श्रीचंद्र सिंह को याद करते हुए सदस्यों ने कहा कि बिहार ने एक ऐसे जननेता को खो दिया है, जिसकी सरलता और ज़मीनी जुड़ाव उन्हें जनता का असली प्रतिनिधि बनाती थी। उनके निधन के साथ क्षेत्रीय राजनीति का एक मजबूत स्तंभ टूट गया है।
वहीं, ‘दिशोम गुरुजी’ के नाम से मशहूर शिबू सोरेन का ज़िक्र आते ही सदन कुछ क्षण के लिए पूरी तरह शांत हो गया। जन-आंदोलनों के प्रतीक, संघर्ष की मिसाल और आदिवासी अस्मिता की आवाज़ रहे सोरेन के सार्वजनिक जीवन ने न सिर्फ़ झारखंड बल्कि बिहार की राजनीति पर भी गहरा असर छोड़ा। सदस्यों ने उनकी सादगी, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण को गहरे सम्मान से याद किया।
इसके साथ ही, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निधन पर भी सदन ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उनके प्रशासनिक जीवन, साफगोई और जनता से जुड़े मुद्दों पर मुखर स्टैंड को याद करते हुए सदस्यों ने कहा कि वह ऐसे व्यक्तित्व थे जो पद से अधिक जनता के हित को प्राथमिकता देते थे।
संसदीय परंपराओं के अनुसार तीनों दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए सदस्यों ने एकमत से कहा कि इन हस्तियों का जाना लोकतांत्रिक मूल्यों, अनुभव और मार्गदर्शन के स्रोत का कम हो जाना है—एक ऐसी कमी जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
शोक प्रस्ताव खत्म होते ही सदन में कुछ क्षणों तक गहरा सन्नाटा पसरा रहा, मानो पूरा सदन इन तीनों महान हस्तियों की विरासत को मन ही मन सलाम कर रहा हो।