बिहार चुनाव 2025: तेजस्वी यादव का बड़ा दांव, लखीसराय-सूर्यगढ़ा में सीटों की अदला-बदली से बदलेंगे समीकरण

 

Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद महागठबंधन ने रणनीति तेज कर दी है। लखीसराय जिले की दो अहम सीटों-लखीसराय और सूर्यगढ़ा- पर इस बार महागठबंधन ने नया राजनीतिक फॉर्मूला तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को उनके गढ़ लखीसराय में रोकने के लिए कांग्रेस से खास डील की है। समझौते के तहत लखीसराय सीट राजद को और सूर्यगढ़ा सीट कांग्रेस को दी गई है।

लखीसराय से राजद के फुलेना सिंह मैदान में

जानकारी के अनुसार, लखीसराय सीट से इस बार राजद के वरिष्ठ नेता फुलेना सिंह को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। भूमिहार जाति से आने वाले फुलेना सिंह ने 2005 में विजय कुमार सिन्हा को शिकस्त दी थी। पिछले चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 10,000 से ज्यादा वोट हासिल किए थे। हाल के महीनों में वे राजद के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि फुलेना सिंह का स्थानीय जनाधार और जातीय समीकरण उन्हें मजबूत उम्मीदवार बनाता है।

सूर्यगढ़ा में कांग्रेस की एंट्री, सुजीत कुमार होंगे दांव

वहीं सूर्यगढ़ा सीट पर इस बार कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी। सूत्रों के मुताबिक, सुजीत कुमार-जो पहले लखीसराय से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं-अब सूर्यगढ़ा से मैदान में उतरेंगे। सुजीत भूमिहार समाज से आते हैं और कांग्रेस में हाल ही में शामिल हुए हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का अप्रत्यक्ष समर्थन भी मिल सकता है।

तेजस्वी का “कास्ट कार्ड” फिर हुआ एक्टिव

महागठबंधन की इस नई रणनीति में जातीय समीकरणों का बड़ा रोल है। लखीसराय में भूमिहार प्रत्याशी के जरिए भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की जा रही है, वहीं सूर्यगढ़ा में यादव-भूमिहार गठजोड़ से बागी नेता प्रहलाद यादव को चुनौती देने की तैयारी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह दांव लखीसराय और सूर्यगढ़ा दोनों जगह सियासी हलचल मचा सकता है। अगर यह रणनीति कामयाब रही, तो महागठबंधन इन दोनों सीटों पर बड़ा उलटफेर कर सकता है।