1,670 एकड़ में विकसित होगी बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी, निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए अवसर: संजय सरावगी
बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के कर्टेन रेजर समारोह में मिले ₹4,092 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, विकास को मिलेगी नई रफ्तार: संजय सरावगी
पटना: बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बोधगया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआइएमसीजीएल) के शुभारंभ और बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के कर्टेन रेजर समारोह को राज्य की औद्योगिक विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर प्राप्त 4,092 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव बिहार की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन की संभावनाओं को नई मजबूती प्रदान करेंगे।
सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गयाजी के डोभी प्रखंड में लगभग 1,670 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को नई पहचान देगी। यह परियोजना औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने का मजबूत आधार बनेगी।
उन्होंने कहा कि डोभी औद्योगिक कॉरिडोर में भूखंड आवंटन की प्रक्रिया की शुरुआत बिहार में उद्योगों के विस्तार की दिशा में ठोस कदम है। यहां नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्र के विकास को गति प्राप्त होगी। औद्योगिक इकाइयों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान भी राज्य में निवेश की संभावनाओं को विस्तार देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 की शुरुआत राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण बनाने और देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में अहम पहल है। इससे बिहार की औद्योगिक क्षमता और व्यावसायिक संभावनाओं को व्यापक पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में एनडीए की डबल इंजन सरकार बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। बिहार अब आधुनिक उद्योग, विनिर्माण और निवेश के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर है।
सरावगी ने विश्वास जताया कि निवेश का बढ़ता विश्वास, उद्योगों का विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर समृद्ध बिहार एवं विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। गया की मैन्युफैक्चरिंग सिटी इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।