बिहार विधान परिषद चुनाव: NDA में सीटों पर बढ़ी खींचतान, जेडीयू ने 4 सीटों पर ठोका दावा

 
Bihar Political News: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर एनडीए के भीतर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड ने साफ संकेत दे दिया है कि गठबंधन में अपने हिस्से की चार सीटों पर पार्टी उम्मीदवार उतारेगी। वहीं बाकी सीटों को लेकर भाजपा और सहयोगी दलों के बीच समीकरण साधने की चुनौती बढ़ती नजर आ रही है।

शुक्रवार को जेडीयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने कहा कि विधान परिषद की कुल 10 सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें एक सीट उपचुनाव की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेडीयू अपने कोटे की चार सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी, जबकि शेष छह सीटों पर किस दल को मौका मिलेगा, इसका फैसला भाजपा को करना है।

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को लेकर हो रही है। वे फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, ऐसे में मंत्री पद पर बने रहने के लिए उनका विधान परिषद सदस्य बनना जरूरी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि जेडीयू उन्हें एमएलसी बनाकर सदन में भेज सकती है।

उधर भाजपा के सामने सहयोगी दलों के बीच सीटों का संतुलन बनाना आसान नहीं दिख रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल मंत्री दीपक प्रकाश भी किसी सदन के सदस्य नहीं हैं और उन्हें भी एमएलसी बनाया जाना जरूरी है। वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी अपनी पार्टी के लिए सीट की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने भी विधान परिषद की एक सीट पर दावा पेश किया है।

इसी बीच निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की 9 सीटों और एक उपचुनाव के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के मुताबिक नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना भी होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी।

जिन 9 सीटों पर चुनाव होना है, उन पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मोहम्मद फारूक, भीष्म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय मयूख, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। वहीं उपचुनाव उस सीट पर कराया जाएगा जो नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर चुने जाने वाले सदस्य का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहेगा।