Bihar MLC Election 2026: नीरज ने अनंत के खिलाफ रची साजिश? ललन सिंह बोले- ‘यह सत्य है...’
Bihar MLC Election 2026: बिहार MLC चुनाव में पटना स्नातक सीट को लेकर JDU के भीतर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच जारी टकराव अब और चर्चा में आ गया है. अनंत सिंह पहले ही नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल चुके हैं और जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं.
Bihar Politics: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नीरज कुमार के नामांकन के बीच जेडीयू के भीतर चल रहा अनंत सिंह बनाम नीरज कुमार विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस पूरे मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी पार्टी ने केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता ललन सिंह को दी है।
ललन सिंह ने कहा कि जब कोई व्यक्ति पार्टी का प्रत्याशी है तो उसके नामांकन दाखिल करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि नीरज कुमार जेडीयू के प्रत्याशी हैं और उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
अनंत सिंह से हुई बातचीत, सामने रखीं कई शिकायतें
नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच जारी विवाद को लेकर ललन सिंह ने बताया कि जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का उन्हें फोन आया था। इसके बाद उन्होंने अनंत सिंह से बातचीत की।
ललन सिंह के मुताबिक, बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने उनके सामने अपनी कई शिकायतें रखीं। अनंत सिंह का कहना था कि जब बिहार सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब जेडीयू के कई नेताओं ने उनसे सरकार के समर्थन की अपील की थी। इसके बाद उन्होंने नीतीश कुमार सरकार का समर्थन किया था।
अनंत सिंह के अनुसार, उन्होंने यह समर्थन नीतीश कुमार के प्रति सम्मान और उनके नेतृत्व में विकास कार्य जारी रखने की इच्छा के कारण किया था।
नीतीश कुमार के कहने पर चुनाव लड़ने का दावा
ललन सिंह ने अनंत सिंह की ओर से रखी गई बातों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का समर्थन करने के बाद जब अनंत सिंह नीतीश कुमार से मिलने गए थे, तब नीतीश कुमार ने उनसे खुद मोकामा से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा था।
ललन सिंह के मुताबिक, इस बात के गवाह संजय झा समेत जेडीयू के कई नेता हैं। इसके बाद नीतीश कुमार की सलाह पर अनंत सिंह चुनाव मैदान में उतरे।
‘दुष्प्रचार हुआ तो प्रतिक्रिया भी होगी’
ललन सिंह ने कहा कि चुनाव मैदान में उतरने के बाद अनंत सिंह के खिलाफ कई तरह की बातें और दुष्प्रचार हुआ। उन्होंने कहा कि “क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया भी होगी” और “ताली एक हाथ से नहीं बजती।”
ललन सिंह ने यह भी माना कि अनंत सिंह के खिलाफ कथित अभियान के समय पार्टी की ओर से पहल होनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, उस समय प्रदेश पार्टी की ओर से चूक हुई।
अनंत सिंह का आरोप- नीरज ने नहीं मांगा वोट
ललन सिंह के अनुसार, जेडीयू की एक बैठक में अनंत सिंह ने अपनी शिकायतें पार्टी के सामने रखी थीं। अनंत सिंह ने सवाल उठाया था कि नीरज कुमार से पूछा जाए कि क्या उन्होंने उनके खिलाफ चुनाव प्रचार किया था? क्या उनके खिलाफ बयान दिए थे? और क्या उनके विरोधियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ अभियान चलाया था?
ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह का दावा है कि बैठक में इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
अनंत सिंह ने कथित तौर पर यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने उनके लिए वोट नहीं मांगा, उसके लिए वह वोट नहीं मांग सकते। उनका कहना था कि जब वह खुद पार्टी के उम्मीदवार थे और नीरज कुमार ने उनके पक्ष में वोट नहीं मांगा, तो वह भी नीरज कुमार के लिए वोट नहीं मांगेंगे।
‘यहीं से पार्टी का अनुशासन खत्म हुआ’
ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह का मानना है कि यहीं से पार्टी के अनुशासन का मामला शुरू हुआ। उनका आरोप है कि जब नीतीश कुमार ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था और नीरज कुमार ने कथित तौर पर उनके विरोधियों के साथ मिलकर अभियान चलाया, तो पार्टी को उस समय कार्रवाई करनी चाहिए थी।
हालांकि, ये बातें अनंत सिंह की ओर से रखी गई शिकायतों और आरोपों के तौर पर सामने आई हैं। इन आरोपों पर नीरज कुमार का पक्ष अलग हो सकता है।
ललन सिंह ने अनंत सिंह से की सार्वजनिक बयानबाजी रोकने की अपील
ललन सिंह ने बताया कि उन्होंने अनंत सिंह से आग्रह किया है कि अब नीरज कुमार को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान न दें, ताकि विवाद से पार्टी को नुकसान न हो।
ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह ने उनकी बात मान ली है। उन्होंने कहा है कि वह अब नीरज कुमार के खिलाफ कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे और पार्टी के साथ हैं, पार्टी के साथ थे और पार्टी के साथ रहेंगे।
JDU ने पहले भी ललन सिंह को दोनों नेताओं के बीच विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी दी थी। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था कि दोनों नेताओं की अपनी-अपनी शिकायतें हैं और ललन सिंह बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश करेंगे।
‘मुझे हराने में कौन लगा था’, इस पर ललन सिंह ने साधी चुप्पी
जब ललन सिंह से पूछा गया कि अनंत सिंह का आरोप है कि नीरज कुमार ने उन्हें ही नहीं, बल्कि ललन सिंह को भी चुनाव में हराने की कोशिश की थी, तो उन्होंने इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी।
ललन सिंह ने कहा कि वह इस बात पर प्रतिक्रिया नहीं देंगे कि कौन उन्हें हराने में लगा था। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय वह अपना काम करते हैं और इस बात पर ध्यान नहीं देते कि उनके खिलाफ कौन क्या बोल रहा है।
अनंत सिंह-नीरज विवाद पर फिलहाल ‘पब्लिक बयानबाजी’ रोकने की कोशिश
हालांकि, ललन सिंह ने एक अहम बात कही कि अनंत सिंह के खिलाफ चलाए गए अभियान में नीरज कुमार शामिल थे, ऐसा अनंत सिंह की ओर से कहा गया है। उन्होंने फिर दोहराया कि अनंत सिंह का कहना है कि जिसने उनके लिए वोट नहीं मांगा, उसके लिए वह वोट नहीं मांगेंगे।
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह पहले ही खुलकर सामने आ चुके हैं और जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान कर चुके हैं।
अब ललन सिंह की मध्यस्थता के बाद अनंत सिंह ने सार्वजनिक बयानबाजी रोकने पर सहमति जताई है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की कोशिश विवाद को सार्वजनिक टकराव से दूर रखने की है। हालांकि, अनंत सिंह की शिकायतें और नीरज कुमार को लेकर उनका चुनावी रुख पटना स्नातक सीट के मुकाबले में अहम राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।