Bihar political news: हार के बाद फिर मैदान में प्रशांत किशोर: 8 फरवरी से बिहार यात्रा शुरू, जनता से सीधे संवाद पर जोर
प्रशांत किशोर, जो पहले चुनावी रणनीतिकार के रूप में जाने जाते थे और बाद में सक्रिय राजनीति में आए, अब सीधे लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनना चाहते हैं। उनका कहना है कि चुनाव परिणाम ने बहुत कुछ सिखाया है और अब जरूरी है कि जनता के बीच जाकर वास्तविक मुद्दों को समझा जाए।
इस यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण से होगी। इसके बाद वे पूर्वी चंपारण, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों का दौरा करेंगे। हर जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और स्थानीय लोगों से मुलाकात का कार्यक्रम रखा गया है। बताया जा रहा है कि चुनाव के बाद कई कार्यकर्ता निराश थे, ऐसे में यह दौरा संगठन में नई ऊर्जा भरने की कोशिश भी है।
यात्रा के दौरान बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर खास फोकस रहेगा। प्रशांत किशोर युवाओं से सीधे बातचीत कर उनके सामने आने वाली दिक्कतों को समझने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक रोजगार और अवसरों की स्थिति नहीं सुधरेगी, तब तक बिहार से पलायन नहीं रुकेगा।
आपको बता दें कि इसे जन सुराज के लिए एक तरह का राजनीतिक आत्ममंथन भी माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यह बिहार यात्रा पार्टी को नई दिशा और नई ताकत दे पाती है या नहीं।