Bihar Political Update: नीतीश सरकार के आदेश पर राबड़ी देवी का आवास बदला; BJP का करारा वार-“ट्रैक रिकॉर्ड याद है… नए घर में टोंटी, AC, सोफा सब सुरक्षित रहना चाहिए!”

 

Bihar Political Update: पटना में नीतीश सरकार के ताज़ा फैसले ने राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म कर दिया है। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का आधिकारिक आवास बदला गया है। उनका पुराना पता 10 सर्कुलर रोड, जहां वे जनवरी 2006 से रह रही थीं, अब इतिहास हो गया है। नए आदेश के साथ राबड़ी देवी और उनका परिवार अब 39 हार्डिंग रोड शिफ्ट होगा।

राज्य के भवन निर्माण विभाग के इस कदम ने पटना के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। नई एनडीए सरकार के कार्यकाल के शुरुआती दिनों में आया यह बदलाव सिर्फ “आवास बदलने” का मामला नहीं माना जा रहा, इसके भीतर गहरी राजनीतिक रणनीति और संदेश छिपा है।

BJP का हमला—“सरकारी संपत्ति को संभालकर रखें”

बीजेपी मीडिया पैनलिस्ट नीरज कुमार ने इस फैसले पर तंज कसने का मौका हाथ से नहीं जाने दिया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि राबड़ी देवी को अपने नए घर की “हिफाज़त” करनी चाहिए, ताकि कोई भी चीज़ गायब न हो।

नीरज कुमार ने सीधे निशाना साधते हुए कहा: “आपके परिवार का ट्रैक रिकॉर्ड सबको पता है। हम नजर रखेंगे। अपने बेटे और पति पर भी ध्यान दीजिए कि कुछ चोरी न हो जाए।”

उनका यह बयान सीधे तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव पर कटाक्ष माना गया।

पुरानी याद: देशरत्न मार्ग वाला विवाद

बीजेपी का यह हमला अचानक नहीं है। अक्टूबर 2024 में तेजस्वी यादव के सरकारी आवास 5 देशरत्न मार्ग को खाली कराने के दौरान भाजपा ने दावा किया था कि घर से
    •    वॉश बेसिन
    •    टोंटी
    •    एसी
    •    सोफा

गायब कर दिए गए थे। हालांकि आरजेडी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पूरी तरह खारिज किया था।

राजनीतिक संदेश या मात्र प्रशासनिक प्रक्रिया?

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला प्रशासनिक कम, राजनीतिक ज्यादा है। राबड़ी देवी को 19 साल बाद पुराने घर से हटाना, और नया आवंटन देना नई एनडीए सरकार द्वारा लालू परिवार को भेजा गया पहला सख्त संकेत माना जा रहा है।

यह कदम कई मायनों में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा है:

  • नए शासन का असर
  • पुरानी व्यवस्था में बदलाव
  • लालू परिवार की गतिविधियों पर कड़ी नजर का संकेत

आगे क्या?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले समय में राबड़ी देवी और लालू परिवार की हर गतिविधि पर सरकार और विपक्ष दोनों की पैनी निगाह रहेगी।
यह आवास परिवर्तन अगले कई महीनों तक बिहार की राजनीति और मीडिया बहस का हिस्सा बनने वाला है—यह तय है।