Bihar political update: तेज प्रताप यादव का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, बोले– चुनाव में हुआ अपमान, अब कोई बातचीत नहीं

 
Bihar political update: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर खुलकर हमला बोला और उनके रहन-सहन व संपत्ति को लेकर सवाल खड़े किए।

यूट्यूबर प्रियंका शर्मा को दिए इंटरव्यू में तेज प्रताप यादव ने बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन करते हुए कहा कि सच्चा धार्मिक व्यक्ति समाज को जोड़ने का काम करता है, न कि तोड़ने का। उन्होंने कहा कि वह खुद धार्मिक हैं और यदि भविष्य में धीरेंद्र शास्त्री कोई पदयात्रा निकालते हैं और उन्हें बुलाया जाता है, तो वह उसमें जरूर शामिल होंगे।

धीरेंद्र शास्त्री के बचाव में उतरे तेज प्रताप

इंटरव्यू के दौरान जब उनसे अखिलेश यादव द्वारा धीरेंद्र शास्त्री पर कथा के लिए करोड़ों रुपये लेने के आरोप के बारे में पूछा गया, तो तेज प्रताप ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले यह देखा जाना चाहिए कि आरोप लगाने वालों के पास खुद इतनी संपत्ति कहां से आई। उन्होंने अखिलेश यादव के महंगे वाहनों और हेलीकॉप्टर से यात्रा करने का जिक्र करते हुए तंज कसा और उनके लाइफस्टाइल पर सवाल उठाए।

चुनाव में अपमान का आरोप

तेज प्रताप यादव ने कहा कि पहले उनकी अखिलेश यादव से वीडियो कॉल पर बातचीत होती थी, लेकिन चुनाव के दौरान उनका अपमान किया गया। इसी वजह से अब दोनों के बीच बातचीत बंद है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सम्मान मिलेगा तो सम्मान दिया जाएगा।

चुनाव प्रचार में न जाने पर दी सफाई

अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार में शामिल न होने के सवाल पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी महागठबंधन का हिस्सा थी, इसलिए उनके प्रचार में जाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक समीकरण अपनी जगह होते हैं, जबकि पारिवारिक रिश्ते अलग विषय हैं।

मुलायम सिंह यादव को बताया सबसे बड़ा नेता

तेज प्रताप यादव ने स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव को देश का सबसे बड़ा समाजवादी नेता बताते हुए कहा कि उनके जैसा नेता आज तक नहीं हुआ। उन्होंने लालू प्रसाद यादव और शरद यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं का भी जिक्र किया और कहा कि पुराने समाजवादी नेताओं की सोच अलग थी, जबकि आज के कई नेताओं की सोच बदलती जा रही है।

तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उनके इस हमले को आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी और तेज होने का संकेत माना जा रहा है।