Bihar Political Update:
नीतीश कैबिनेट की पहली बैठक आज, बदल सकता है सत्ता का एजेंडा — रोजगार, पलायन रोकथाम और विशेष सत्र पर फैसले की उम्मीद

 

Bihar political update: पटना की सियासत आज एक अहम मोड़ पर खड़ी है। मंगलवार की सुबह बुलाई गई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई कैबिनेट की पहली बैठक को लेकर राजधानी में जबरदस्त हलचल है। यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकार की दिशा और प्राथमिकताओं का पहला बड़ा संकेत मानी जा रही है। माना जा रहा है कि रोजगार सृजन, पलायन पर रोक और विधानसभा के विशेष सत्र जैसे मुद्दों पर आज महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

NDA ने चुनाव प्रचार के दौरान रोजगार और पलायन को अपने प्रमुख वादों के रूप में पेश किया था। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार अपने शुरुआती फैसलों के ज़रिए यह संदेश देना चाहेगी कि वादे सिर्फ घोषणाओं में नहीं, ज़मीनी स्तर पर भी दिखाई देंगे। बैठक में दोनों डिप्टी सीएम- सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ कुल 26 मंत्री मौजूद रहेंगे, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।

विशेष विधानसभा सत्र से पहले प्रशासन अलर्ट मोड में

संभावित विशेष सत्र को लेकर पटना जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है। डीएम के आदेश पर जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। तकनीकी और पर्यवेक्षक-स्तर के कर्मचारी भी अगले आदेश तक ड्यूटी पर रहेंगे।
यह साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और तेज़ हो सकती है और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहती है।

मंत्रियों ने संभालना शुरू किया कामकाज

नए मंत्रियों द्वारा विभागों का कार्यभार संभालने की प्रक्रिया भी जारी है।
सोमवार को जिन मंत्रियों ने कार्यभार ग्रहण किया, उनमें शामिल हैं—
    •    बिजेंद्र यादव – शराबबंदी विभाग
    •    सुरेंद्र मेहता – पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
    •    संजय सिंह टाइगर – श्रम संसाधन विभाग
    •    विजय सिन्हा – राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

इससे पहले शनिवार को भी कई मंत्रियों ने चार्ज लिया था।
    •    दीपक प्रकाश – पंचायती राज विभाग
    •    अशोक चौधरी – ग्रामीण कार्य विभाग
    •    श्रेयसी सिंह – सूचना प्रौद्योगिकी विभाग

राजनीति की तेज़ होती धड़कन

इन सबके बीच पटना की राजनीति एक नई उर्जा के साथ उफान पर है। कैबिनेट की पहली बैठक सरकार की आगे की राह तय करेगी और आने वाले दिनों में फैसला होगा कि यह गर्माहट तरक्की की रफ्तार बढ़ाएगी या नए सियासी सवालों को जन्म देगी।