Bihar Politics: ‘हम अपना हक मांग रहे हैं, बौखला क्यों रहे हैं?’ अरुण भारती के बयान पर HAM का पलटवार
गया से धीरज सिन्हा की रिपोर्ट
Gaya ji: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को लेकर जमुई सांसद अरुण भारती की टिप्पणी के बाद बिहार की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। गुरुवार को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी और जिला अध्यक्ष टूटू खान ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर अरुण भारती के बयान पर पलटवार किया। नेताओं ने कहा कि जीतन राम मांझी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान पर सवाल उठाने से पहले उनके कार्यकाल में किए गए कार्यों और फैसलों को देखना चाहिए।
‘मांझी ने हमेशा वंचितों की आवाज उठाई’
नंदलाल मांझी ने कहा कि जीतन राम मांझी ने हमेशा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की आवाज उठाई है। मांझी, मुसहर और भुईया समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गईं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग दलित समाज के नाम पर राजनीति करते हुए खुद को रहनुमा बताते हैं, लेकिन जब सबसे वंचित वर्गों को आरक्षण में उचित हिस्सेदारी देने की बात आती है तो वे विरोध में खड़े हो जाते हैं।
आरक्षण में वर्गीकरण के मुद्दे का किया समर्थन
नंदलाल मांझी ने कहा कि डॉ. संतोष कुमार सुमन ने आरक्षण में वर्गीकरण का मुद्दा उठाकर उन परिवारों की आवाज बुलंद की है, जो आरक्षण का लाभ मिलने के बावजूद अपेक्षित अवसरों से वंचित रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति को शिक्षा, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। HAM नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी का अधिकार छीनने की बात नहीं कर रही, बल्कि वंचित समाज को उचित अवसर और हिस्सेदारी देने की मांग कर रही है।
नंदलाल मांझी ने कहा, “हम अपना हक मांग रहे हैं, आप इतना बौखला क्यों रहे हैं? हम कह रहे हैं कि हमें भी अवसर दीजिए, हमें भी आगे बढ़ने का मौका दीजिए।”
मांझी के कार्यकाल में किए गए काम गिनाए
प्रेसवार्ता के दौरान HAM नेताओं ने जीतन राम मांझी के कार्यकाल में मांझी, मुसहर और भुईया समाज के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास उपलब्ध कराने तथा मुसहर-भुईया समाज के लिए 40 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की पहल का उल्लेख किया।
जिला अध्यक्ष टूटू खान ने कहा कि महादलित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए महादलित आयोग के गठन समेत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि यदि किसी को जीतन राम मांझी के काम पर सवाल उठाना है तो उसे तथ्यों के साथ जनता के बीच जाना चाहिए।
‘जो पीछे रह गया, उसे आगे बढ़ाना समाज की जिम्मेदारी’
टूटू खान ने सामाजिक हिस्सेदारी को लेकर उदाहरण देते हुए कहा, “चार भाइयों के परिवार में अगर एक भाई को भोजन नहीं मिल रहा हो तो बड़े भाई का दायित्व है कि वह छोटे भाई की चिंता करे।” उन्होंने कहा कि समाज में जो वर्ग सबसे पीछे रह गया है, उसे आगे बढ़ाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
HAM नेताओं ने सवाल उठाया कि जो लोग खुद को दलितों का रहनुमा बताते हैं, वे बताएं कि मांझी, मुसहर और भुईया समाज के कितने लोगों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है।
नेताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित समाज की उचित हिस्सेदारी की लड़ाई से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा पीछे नहीं हटेगा।