Bihar-UP कनेक्टिविटी होगी मजबूत, 20 गांवों से होकर गुजरेगा आरा-बैरिया फोरलेन हाईवे

Bihar/UttarPradesh: अधिकारियों के मुताबिक, राजस्व रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद संबंधित भूखंडों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा. इसके बाद इसी महीने के अंत या अगले महीने तक अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का गजट प्रकाशन किया जा सकता है.
 

Bihar/UttarPradesh: बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने वाली आरा-बैरिया फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है. परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. भू-अर्जन कार्यालय ने आरा सदर और बड़हरा अंचल के 20 गांवों में करीब 96 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की तैयारी शुरू कर दी है. फिलहाल संबंधित गांवों के खेसरा, रकबा और राजस्व अभिलेखों की जांच की जा रही है.

रिकॉर्ड जांच के बाद होगा भौतिक सत्यापन

अधिकारियों के मुताबिक, राजस्व रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद संबंधित भूखंडों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा. इसके बाद इसी महीने के अंत या अगले महीने तक अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का गजट प्रकाशन किया जा सकता है.

गजट जारी होने के बाद किसानों से आवश्यक दस्तावेज लिए जाएंगे. दावा-आपत्ति का निपटारा करने के बाद पात्र भू-स्वामियों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू होगी.

आरा सदर और बड़हरा में होगा जमीन अधिग्रहण

परियोजना के तहत आरा सदर अंचल में करीब 51 हेक्टेयर और बड़हरा अंचल में लगभग 45 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी. प्रस्तावित ग्रीनफील्ड फोरलेन आरा प्रखंड के 14 और बड़हरा प्रखंड के 6 गांवों से होकर गुजरेगा.

भू-अर्जन विभाग का कहना है कि रिकॉर्ड के मिलान और भौतिक सत्यापन से जमीन संबंधी विवादों और तकनीकी त्रुटियों की संभावना कम होगी, जिससे अधिग्रहण प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनेगी.

27 किलोमीटर लंबा होगा ग्रीनफील्ड फोरलेन

प्रस्तावित आरा-बैरिया ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे की कुल लंबाई 27.062 किलोमीटर होगी यह सड़क बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन को अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम बनाएगी.

परियोजना के तहत महुली गंगा घाट के पास 3.6 किलोमीटर लंबा गंगा पुल भी बनाया जाएगा. इसके अलावा हाईवे पर आठ छोटे पुल और करीब दो दर्जन अंडरपास प्रस्तावित हैं. इन संरचनाओं के निर्माण से स्थानीय लोगों की आवाजाही और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर यातायात सुचारु बना रहेगा.

इन 20 गांवों से होकर गुजरेगा हाईवे

बड़हरा अंचल के नूरपुर नौवरार, नूरपुर, कुदरिया, जोकहरी, पकड़ी और गलचौर गांव इस परियोजना में शामिल हैं.

वहीं आरा सदर अंचल के सारसिवान, बसंतपुर, बेला, महुली, मथुरापुर, बहिरा चक, भेल डुमरा, पिरौटा, मखदुमपुर, जादोपुर, गरैया, शोभी डुमरा, हबिब अलीपुर और सिंगही गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.

क्षेत्र के विकास को मिलेगा बढ़ावा

आरा-बैरिया फोरलेन परियोजना पूरी होने के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा. इससे माल परिवहन, व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. साथ ही यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्र में औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी.

फिलहाल प्रशासन जमीन के रिकॉर्ड की जांच और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया में जुटा है. जमीन अधिग्रहण पूरा होते ही परियोजना के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा.