Bihar Women Employment: 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य, CM सम्राट चौधरी ने किए कई बड़े ऐलान

Bihar:  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं को रोजगार से जोड़ने को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम करेगी. सरकार का फोकस महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर है.  
 

Bihar: बिहार सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य सामने रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई योजनाओं पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री शनिवार को बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा भी मौजूद रहीं। इस दौरान डाक विभाग के सहयोग से विशेष डाक टिकट और महिला आयोग की रजत जयंती स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार की 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ना है। सरकार का जोर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार और समाज दोनों स्तरों पर उनके निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

बालिका पीएचडी फेलोशिप की शुरुआत

उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने ‘बालिका पीएचडी फेलोशिप’ शुरू की है। इसके तहत हर साल 1,000 छात्राओं को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

योजना के तहत चयनित छात्राओं को प्रति माह 10 हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने की बात कही गई है। सरकार का उद्देश्य शोध के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना है।

महिलाओं के लिए अलग विश्वविद्यालय की तैयारी

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में महिलाओं के लिए एक समर्पित विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में काम चल रहा है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय में छात्राओं की शिक्षा और महिला शिक्षकों की भागीदारी पर विशेष जोर रहेगा।

इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा को लेकर ‘पुलिस दीदी’ व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया। सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

महिला आयोग को और व्यापक भूमिका निभाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य महिला आयोग की भूमिका को और व्यापक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने आयोग से कहा कि वह केवल महिलाओं की शिकायतों और विवादों के निपटारे तक सीमित न रहे, बल्कि महिला सशक्तिकरण और नीतिगत सुधारों को लेकर सरकार को सुझाव भी दे।

उन्होंने महिला आयोग से महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर जमीनी स्तर से जानकारी जुटाने और आवश्यक नीतिगत सुझाव देने की दिशा में काम करने को कहा।

महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस

कार्यक्रम के दौरान बिहार में महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी का भी उल्लेख किया गया। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण और जीविका जैसे कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं को सरकार की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर समान रूप से काम करने की जरूरत है।

महिलाओं के लिए रोजगार और शिक्षा पर जोर

बिहार सरकार की ओर से 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य, बालिका पीएचडी फेलोशिप और महिला विश्वविद्यालय की योजना को महिला सशक्तिकरण से जुड़ी प्रमुख पहलों के तौर पर पेश किया गया है। आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन और इनके तहत महिलाओं को मिलने वाले अवसरों पर नजर रहेगी।