मॉनसून सत्र में गरमाएगी बिहार की राजनीति, एनकाउंटर और राबड़ी आवास पर आमने-सामने होंगे सत्ता पक्ष और विपक्ष

Patna: पहले दिन अनुपूरक बजट के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाएंगे. प्रश्नकाल, शून्यकाल और कई विभागों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी. इस दौरान सदन में सरकार की तरफ से सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी जाएगी.
 

Patna: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने वाली है. बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के पूरे आसार हैं. सत्र के दौरान कई संवेदनशील और राजनीतिक रूप से अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

सूत्रों के अनुसार, इस सत्र में भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला प्रमुखता से उठाया जा सकता है. विपक्ष इस एनकाउंटर को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है और इसकी न्यायिक जांच की मांग को लेकर सदन में हंगामा कर सकता है. मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले ही संभावना जताई जा रही है कि सत्र हंगामेदार हो सकता है. सदन के पहले दिन सरकार की तरफ से अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा.

पहले दिन अनुपूरक बजट के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाएंगे. प्रश्नकाल, शून्यकाल और कई विभागों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी. इस दौरान सदन में सरकार की तरफ से सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी जाएगी. दूसरी तरफ, 20 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में कई मुद्दों को लेकर विपक्ष की ओर से सरकार घिर सकती है.

इन मुद्दों पर घिर सकती है सरकार

• विपक्ष सरकार को भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में घेर सकती है. अब तक यह मामला सियासी रूप ले चुका है. सत्ता पक्ष के कई नेता इसके समर्थन में तो कई विरोध भी कर रहे हैं. लेकिन मामले में न्यायिक जांच की जा रही है. इस मुद्दे को विपक्ष सदन में उठा सकती है.

• राबड़ी आवास का मामला भी गरमाया रह सकता है. भवन निर्माण विभाग की ओर से राबड़ी आवास को खाली करने का नोटिस भेजा गया था, जिसके बाद लालू फैमिली कौटिल्य नगर वाले आवास में शिफ्ट होने वाला है.

• लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा पहले घटाने और फिर इसके बहाल करने के मामले में भी सरकार घिर सकती है. बंगला विवाद के दौरान ही लालू फैमिली की सुरक्षा घटा दी गई थी. लेकिन अब उन्हें जेड कैटेगरी की सुरक्षा लौटा दी गई है.

• सदन में रिशु श्री और सरकारी विभागों के टेंडर में घोटाले के मामले में भी विपक्ष सवाल खड़े कर सकती है. फिलहाल, इस मामले में भी जांच जारी है.

• इसके अलावा भ्रष्टाचार, अपराध और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष की ओर से हंगामा किया जा सकता है.