70वीं BPSC पर फिर गरमाया बवाल! भगत सिंह की तस्वीर लेकर क्यों बैठे पप्पू यादव?
Patna: 70वीं BPSC परीक्षा समेत प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्रों का आंदोलन जारी है। रविवार, 16 अगस्त को पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव छात्रों के समर्थन में एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस दौरान उनके हाथ में भगत सिंह की तस्वीर भी नजर आई।
पप्पू यादव ने 70वीं BPSC परीक्षा में कथित धांधली के आरोपों की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और बहाली प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और छात्रों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
70वीं BPSC और BSSC-TRE-4 को लेकर प्रदर्शन
गर्दनीबाग में चल रहे आंदोलन में 70वीं BPSC परीक्षा, BSSC बहाली और TRE-4 के नोटिफिकेशन समेत कई मुद्दे उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इन मांगों को लेकर धरना स्थल पर छात्रों के दो गुट अलग-अलग तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। पप्पू यादव ने दोनों गुटों के आंदोलन को अपना समर्थन देने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि 70वीं BPSC परीक्षा में जिन लोगों पर धांधली के आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही BSSC की बहाली और TRE-4 के नोटिफिकेशन को लेकर भी सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मांगें नहीं मानीं तो बिहार बंद की चेतावनी
भूख हड़ताल के दौरान पप्पू यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर बिहार बंद का आह्वान करने की बात कही है।
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो वह आगे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं।
13 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
रविवार को ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) की ओर से छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर 13 सूत्रीय मांगें रखी गईं। इनमें 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग भी शामिल है।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर गर्दनीबाग में लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है।
14 अगस्त को किया था उपवास का ऐलान
पप्पू यादव 14 अगस्त को भी गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे थे। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों और शोधार्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों की जानकारी ली थी और आंदोलन को समर्थन देने का भरोसा दिया था।
उस समय ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार से जुड़े शोधार्थी भी अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन-सह-महाधरना पर बैठे थे। इसी दौरान पप्पू यादव ने 16 अगस्त को एक दिवसीय उपवास पर बैठने का ऐलान किया था।
शोधार्थियों की मांगों को भी समर्थन
आंदोलन में शोधार्थियों और सहायक प्राध्यापक बहाली से जुड़े मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी शोधार्थी सहायक प्राध्यापक नियुक्ति में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा बिहार के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने की मांग भी प्रदर्शनकारियों की ओर से की जा रही है।
अतिथि सहायक प्राध्यापकों के समायोजन की मांग
आंदोलन में वर्षों से विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि सहायक प्राध्यापकों के सेवा समायोजन का मुद्दा भी उठाया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि नियमित सहायक प्राध्यापक नियुक्ति से पहले लंबे समय से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों के समायोजन पर सरकार निर्णय ले।
पप्पू यादव ने इन मांगों पर भी सरकार से गंभीरता से विचार करने की अपील की।
भगत सिंह की तस्वीर लेकर बैठे पप्पू यादव
भूख हड़ताल के दौरान पप्पू यादव भगत सिंह की तस्वीर लेकर धरना स्थल पर बैठे नजर आए। उन्होंने कहा कि छात्रों और शोधार्थियों की मांगों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान निकालने की मांग की।
सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील
पप्पू यादव ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों और युवाओं की समस्याओं को लेकर गंभीर है तो उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। फिलहाल गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्र और शोधार्थी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।