NDA में रहते चिराग के तेवर बदले, बिहार सरकार पर लगातार सवाल; यूपी-पंजाब में भी पार्टी विस्तार की तैयारी
Bihar Political News: बिहार की राजनीति में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के हालिया बयानों ने नई चर्चा छेड़ दी है। एनडीए का हिस्सा होने के बावजूद चिराग पासवान बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार के कामकाज को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। सितंबर में जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं के बाद उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की और महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की जिम्मेदारी बताया।
चिराग के इन बयानों की राजनीतिक अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि उनकी पार्टी बिहार में एनडीए की साझेदार है। एलजेपी (रामविलास) के लोकसभा में पांच सांसद और बिहार विधानसभा में 19 विधायक हैं।
अपनी ही सरकार के कामकाज पर उठाए सवाल
समस्तीपुर की घटना के बाद चिराग पासवान ने कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले में शामिल सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
इससे पहले जमुई की घटना पर भी उन्होंने पुलिस कार्रवाई और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की थी। चिराग का कहना रहा है कि गठबंधन में शामिल होने के बावजूद ऐसे मामलों पर चुप नहीं रहा जा सकता।
बाद में उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती हैं। उनके बयानों के बाद एनडीए के भीतर भी इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
हर मुद्दे पर एक जैसा नहीं है चिराग का रुख
चिराग पासवान का राजनीतिक रुख अलग-अलग मुद्दों पर अलग रहा है। चुनाव आयोग से जुड़े विवादों को लेकर उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। वहीं समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी पर उनका कहना रहा है कि ड्राफ्ट सामने आने के बाद पार्टी अपना विस्तृत रुख स्पष्ट करेगी।
इससे संकेत मिलता है कि उनकी पार्टी अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राजनीतिक स्थिति को मुद्दे के हिसाब से सामने रख रही है। हालांकि, बिहार की कानून-व्यवस्था का मुद्दा फिलहाल उनके हालिया बयानों में प्रमुखता से दिखाई दे रहा है।
बिहार के साथ यूपी और पंजाब पर भी नजर
चिराग पासवान की राजनीति अब बिहार तक सीमित रखने की कोशिश नहीं दिख रही है। उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी संगठन विस्तार की तैयारी कर रही है।
एलजेपी (रामविलास) यूपी और पंजाब विधानसभा चुनाव में एनडीए के साथ सीटों पर बातचीत की संभावना के बीच चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश में पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में पहले ही कदम बढ़ाए हैं। जुलाई में चिराग ने यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन खड़ा करने की तैयारी की बात कही थी।
केंद्र में मंत्री, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की जिम्मेदारी
चिराग पासवान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं। 2026-27 के केंद्रीय बजट में खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के लिए 4,064 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस बीच उनके किसी संभावित कैबिनेट फेरबदल या मंत्रालय बदले जाने को लेकर अटकलें सामने आती रही हैं, लेकिन किसी बदलाव को आधिकारिक घोषणा के बिना तय नहीं माना जा सकता।
पिता रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत भी चर्चा में
चिराग के मौजूदा राजनीतिक रुख की चर्चा के दौरान उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की गठबंधन राजनीति का भी उल्लेख होता रहा है। हालांकि, चिराग के वर्तमान रुख को उसी रणनीति का सीधा विस्तार मानना एक राजनीतिक विश्लेषण है, स्थापित तथ्य नहीं।
चिराग की पार्टी ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में एलजेपी (रामविलास) एनडीए के साथ रही और पार्टी ने जिन पांच सीटों पर चुनाव लड़ा, उन सभी पर जीत दर्ज की।
गठबंधन और विस्तार, दोनों मोर्चों पर सक्रियता
फिलहाल चिराग पासवान की राजनीति दो अलग-अलग मोर्चों पर दिखाई दे रही है। एक तरफ वह बिहार में एनडीए सरकार का हिस्सा रहते हुए कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज मुखर कर रहे हैं। दूसरी तरफ उनकी पार्टी बिहार से बाहर यूपी और पंजाब में संगठन और चुनावी संभावनाओं को लेकर तैयारी कर रही है।