दिल्ली में सीएम सम्राट चौधरी बोले – “विकसित भारत का सपना, बिहार की भागीदारी के बिना पूरा नहीं होगा”
Bihar/Delhi: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की प्रक्रिया में बिहार की भूमिका निर्णायक है. यह वक्तव्य न केवल राजनीतिक सतह पर चर्चा का विषय बना, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक विमर्श में भी गहन बहस खड़ी कर रहा है.
सम्राट चौधरी के बयान की पृष्ठभूमि, अर्थ और संभावित प्रभावों को समझने के लिए जरूरी है कि हम बिहार के हाल-फिलहाल के विकास संकेतों, केंद्र-राज्य समन्वय की भूमिका और देश के आर्थिक परिदृश्य को विस्तार से देखें. नई दिल्ली स्थित होटल द अशोक में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने हाल के वर्षों में आधारभूत संरचना, बिजली, कनेक्टिविटी और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने कहा कि राज्य को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास जरूरी हैं.
बिहार के बिना विकसित भारत संभव नहींः CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश की लगभग 10 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसके विकास के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया.
बिहार में दिख रहा है विकास का असर
सीएम ने कहा कि बिहार में हो रहे बदलाव अब जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं. बेहतर सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी ने राज्य में विकास की नई तस्वीर पेश की है. उन्होंने पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया.
नीति आयोग ने बताया बिहार में बड़ी संभावनाएं
कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने कहा कि बिहार में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इन्हें वास्तविकता में बदलने के लिए बेहतर नीति और प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है. उन्होंने स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार को सकारात्मक संकेत बताया.
केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों की रही मौजूदगी
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, गिरिराज सिंह, चिराग पासवान, रामनाथ ठाकुर, राजभूषण चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए. सभी ने बिहार के विकास पर अपने विचार साझा किए.
बिहार को निवेश-अनुकूल बनाने पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने शिक्षा, प्रशासनिक ढांचा, कानून व्यवस्था और पर्यटन को मजबूत करने पर सुझाव दिए. बिहार को निवेश के लिए आकर्षक राज्य बनाने के लिए नीति समन्वय और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया.
निवेश आयुक्त ने बताया समन्वय को जरूरी कदम
बिहार सरकार के स्थानिक एवं निवेश आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन सरकार और विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार निवेश, उद्योग और सामाजिक विकास के नए अवसर पैदा कर रहा है.