अनंत सिंह की विधायकी पर संकट! सदस्यता रद्द कराने विधानसभा पहुंचे JDU प्रदेश अध्यक्ष

अनंत सिंह की सदस्यता खत्म कराने की तैयारी, स्पीकर को 10 पन्नों के सबूत सौंपने पहुंचे उमेश कुशवाहा
 

जेडीयू से निष्कासित मोकामा विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अब जेडीयू उनके खिलाफ एक के बाद एक कड़े कदम उठा रही है। सोमवार को पहले उनकी पत्नी नीलम देवी को 20 सूत्री समिति के सदस्य पद से हटा दिया गया। साथ ही उन्हें मिला राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया गया है।

वहीं, अब अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त कराने की कवायद भी तेज हो गई है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सोमवार को विधानसभा पहुंचे और स्पीकर को अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा से जुड़ा पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने अपने दावे के समर्थन में 10 पन्नों के दस्तावेजी सबूत और वीडियो भी स्पीकर को दिए।

अब स्पीकर सौंपे गए दस्तावेजों और वीडियो की समीक्षा करेंगे। इसके बाद ही अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।

दरअसल, अनंत सिंह के खिलाफ जेडीयू की कार्रवाई की शुरुआत शनिवार को हुई थी, जब पार्टी ने उन्हें और उनकी पत्नी नीलम देवी को निष्कासित कर दिया था। इसकी मुख्य वजह बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह का पार्टी लाइन से अलग जाना माना जा रहा है। उन्होंने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का खुलकर समर्थन किया और जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

अनंत सिंह के इस कदम को पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीनता के तौर पर देखा। इसके बाद दोनों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

लेकिन निष्कासन के बाद भी सियासी घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। अनंत सिंह ने पार्टी से निकाले जाने के बाद जेडीयू नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की प्रतिक्रिया भी चर्चा में है। दिल्ली में जब अनंत सिंह से जुड़े सवाल ललन सिंह और संजय झा से पूछे गए, तो दोनों नेता सवालों को टालते नजर आए।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता भी खतरे में पड़ जाएगी? स्पीकर के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।