दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचाने की तैयारी! भाजपा MLC देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, एनडीए ने दिखाया गठबंधन धर्म

 

Bihar Political News: बिहार की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उनका इस्तीफा बिहार विधान परिषद के सभापति को सौंपा। इस दौरान देवेश कुमार भी मौजूद रहे। उनके इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में इस फैसले को पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मंत्री पद को संवैधानिक रूप से सुरक्षित रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

दीपक प्रकाश के लिए खाली हुई MLC सीट?

सूत्रों के अनुसार, देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली होने वाली विधान परिषद सीट पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के नेता एवं पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को भेजे जाने की तैयारी है। यदि ऐसा होता है तो वह विधान परिषद के सदस्य बन जाएंगे और मंत्री पद को लेकर उठे संवैधानिक सवालों का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई कवायद

दीपक प्रकाश फिलहाल न तो बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के। ऐसे में छह महीने से अधिक समय तक बिना किसी सदन का सदस्य बने मंत्री बने रहने को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने बिहार सरकार से इस पर जवाब मांगा था और सवाल उठाया था कि संविधान के प्रावधानों के बावजूद यह स्थिति कैसे बनी रही। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को प्रस्तावित है।

गठबंधन धर्म निभाने का संदेश

भाजपा ने इस घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देवेश कुमार ने गठबंधन के व्यापक हितों को प्राथमिकता देते हुए स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है। पार्टी ने उनके फैसले को संगठन और एनडीए के प्रति समर्पण का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह कदम गठबंधन की एकजुटता, अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व की भावना को और मजबूत करता है।

क्या जल्द MLC बनेंगे दीपक प्रकाश?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा की ओर से सीट खाली किए जाने के बाद अब दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इससे उनका मंत्री पद भी सुरक्षित रहेगा और सुप्रीम कोर्ट में उठे संवैधानिक विवाद का समाधान भी निकल सकता है।

हालांकि, अब तक भाजपा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा या राज्य सरकार की ओर से दीपक प्रकाश के नाम को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजरें अब अगले राजनीतिक कदम और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।