बिहार के स्कूलों में ‘डिजिटल शिक्षा’ का संकट! 26 हजार कंप्यूटर शिक्षक पद खाली, सदन में सरकार घिरी

 
Bihar political news: बिहार के सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा की हकीकत पर विधानसभा में गंभीर सवाल उठे। विपक्षी विधायकों ने दावा किया कि राज्य में लगभग 26 हजार कंप्यूटर शिक्षकों की कमी है, जबकि हाल ही में महज 460 पदों पर ही बहाली की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसे लेकर सरकार को सदन में तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।

सीपीआई (एमएल) के विधायक Sandeep Saurabh ने कहा कि जब हजारों पद खाली हैं तो इतनी सीमित भर्ती से व्यवस्था कैसे सुधरेगी? उन्होंने मांग की कि कम से कम घोषित रिक्तियों का आधा हिस्सा तत्काल भरा जाए, ताकि बच्चों को वास्तविक रूप से कंप्यूटर शिक्षा मिल सके।

“कागज़ों में कंप्यूटर क्लास, स्कूलों में शिक्षक गायब”

सहरसा से विधायक Indrajit Gupta ने मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कक्षा 6 से 10 तक कंप्यूटर शिक्षा लागू होने का दावा किया गया है, लेकिन अधिकांश विद्यालयों में एक भी कंप्यूटर शिक्षक नियुक्त नहीं है। ऐसे में यह व्यवस्था सिर्फ कागज़ी साबित हो रही है।

सरकार का जवाब: चरणबद्ध होगी नियुक्ति

इस पर शिक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि पहले राज्य में फिजिक्स, केमेस्ट्री और गणित के शिक्षकों की भारी कमी थी, जिसे प्राथमिकता के आधार पर भरा गया। अब कंप्यूटर शिक्षकों की कमी भी चरणबद्ध तरीके से दूर की जाएगी।

उन्होंने यह भी माना कि कई जिलों में शिक्षकों का अनुपात असंतुलित है—कहीं जरूरत से ज्यादा तो कहीं बेहद कम। इस समस्या के समाधान के लिए जिला स्तर पर डीएम को अधिकार दिए गए हैं, ताकि स्थानीय आकलन के आधार पर शिक्षकों की तैनाती संतुलित की जा सके।

डिजिटल बिहार के दावे पर सवाल

विपक्ष का कहना है कि जब तक स्कूलों में प्रशिक्षित कंप्यूटर शिक्षक नहीं होंगे, तब तक डिजिटल शिक्षा का सपना अधूरा ही रहेगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार बहाली प्रक्रिया को कितनी तेजी से आगे बढ़ाती है और क्या सचमुच हजारों खाली पदों को भरने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं।