पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर साइकिल यात्रा पटना से यूपी के लिए रवाना, डॉ. अनिल प्रकाश जोशी का हुआ सम्मान

पद्मभूषण से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में नेपाल के जनकपुर से शुरू हुई राष्ट्रीय साइकिल यात्रा रविवार सुबह पटना से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुई। 
 

पटना: पद्मभूषण से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में नेपाल के जनकपुर से शुरू हुई राष्ट्रीय साइकिल यात्रा रविवार सुबह पटना से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कार्यालय में एक समारोह आयोजित कर डॉ. जोशी समेत यात्रा दल में शामिल सभी सदस्यों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में पर्यावरण कार्यकर्ता और संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख एवं सांसद उपेंद्र कुशवाहा की अनुपस्थिति में साक्षी मिश्रा कुशवाहा ने साइकिल यात्रियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक धरती और ज्ञान-संस्कृति की पहचान पटना से इस राष्ट्रीय साइकिल यात्रा को आगे बढ़ाना गौरव की बात है। यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण के विचार और संकल्प को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी का प्रकृति, हिमालय, जल और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण के क्षेत्र में लंबे समय से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके विचार और कार्य समाज को यह संदेश देते हैं कि पर्यावरण संरक्षण केवल प्रकृति से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति और मानव जीवन के भविष्य से भी है।

जनभागीदारी से ही संभव है पर्यावरण संरक्षण

इस अवसर पर डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि साइकिल यात्रा का उद्देश्य केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना नहीं है, बल्कि लोगों से संवाद स्थापित कर प्रकृति संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना है।

उन्होंने कहा कि बिहार नदियों, कृषि, गांवों और समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों की धरती है। गंगा सहित राज्य की अनेक नदियां, तालाब, आहर-पाइन, पोखर और पारंपरिक जलस्रोत यहां की जीवनशैली और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रहे हैं। ऐसे में यह विचार करना जरूरी है कि क्या हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल, उपजाऊ मिट्टी, हरित धरती और स्वस्थ पर्यावरण दे पाएंगे।

डॉ. जोशी ने कहा कि बाढ़ और जलजमाव, कई क्षेत्रों में पानी की कमी, भूजल स्तर में गिरावट, तालाबों पर अतिक्रमण और हरित क्षेत्रों का लगातार कम होना गंभीर चिंता का विषय है। इन चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी योजनाओं के माध्यम से संभव नहीं है। इसके लिए सरकार, समाज, पंचायतों, शिक्षण संस्थानों, युवाओं और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

साइकिल चलाकर यात्रियों को दी गई विदाई

कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की पत्नी साक्षी मिश्रा कुशवाहा ने डॉ. जोशी और अन्य साइकिल यात्रियों के साथ प्रतीकात्मक रूप से साइकिल चलाकर यात्रा दल को विदाई दी।

इससे पहले यात्रा दल में शामिल देश के विभिन्न हिस्सों से आए 17 से 70 वर्ष तक की आयु के प्रतिभागियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, पंकज मालवीय, विजयेश्वर प्रसाद (अनिल), देवेश कोठारी, विनोद खाती, रंजना, तनुजा, ज्योति, मेघा, प्रमोद जोशी, केसराज यादव, चंदन सिंह बोरा, गीतांशु जोशी, ललित सिंह, अमर सिंह, मोहम्मद फरमान और जितेश कुमार शामिल रहे।

यह साइकिल यात्रा पर्यावरण संरक्षण, जलस्रोतों के संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निकाली गई है। यात्रा के माध्यम से लोगों को प्रकृति के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संदेश दिया जा रहा है।