गंगाजल आपूर्ति, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं सिंचाई विस्तार से जुड़ी योजनाओं की डॉ. प्रेम कुमार ने की समीक्षा
बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में जल संसाधन विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में गयाजी में गंगाजल आपूर्ति, उत्तर एवं दक्षिण बिहार की सिंचाई व्यवस्था, प्रमुख नदी जोड़ो परियोजनाओं, जल संरक्षण तथा जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
गयाजी में फल्गु नदी पर रबर डैम तथा मोकामा से तेतर जलाशय तक गंगाजल पहुंचाने की योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 53 वार्डों में लगभग 75 प्रतिशत घरों को गंगाजल का लाभ मिल रहा है। शेष घरों तक जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन विस्तार एवं नए जलाशय के लिए उपयुक्त स्थल चिह्नित करने पर चर्चा हुई। अध्यक्ष ने गया के जिलाधिकारी से आवश्यक प्रतिवेदन प्राप्त कर संबंधित विभागों के समन्वय से शेष घरों तक गंगाजल पहुंचाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बैठक में उत्तर कोयल, सोन-फल्गु लिंक, कोसी-मेची, इंद्रपुरी बैराज, बागमती-बूढ़ी गंडक एवं गंडक-गंगा सहित प्रमुख नदी जोड़ो परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर कोयल परियोजना से औरंगाबाद, गया, जहानाबाद एवं अरवल के लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। वहीं, कोसी-मेची परियोजना से उत्तर बिहार के सात जिलों को लाभ होगा। इसके प्रथम चरण को जून 2027 तथा दूसरे चरण को जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अन्य नदी जोड़ो परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी दी गई।
गंगा नदी से वर्षभर जल उठाव की अनुमति प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। इससे बक्सर से कटिहार तक गंगा तटवर्ती 12 जिलों में पेयजल एवं औद्योगिक जरूरतों के लिए जल की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि जल संसाधनों का समुचित उपयोग पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादन एवं सिंचाई विस्तार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने दक्षिण बिहार, मगध, शाहाबाद एवं मुंगेर क्षेत्र में सतही जल की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, नहरों के किनारे सभी 38 जिलों में पौधारोपण की कार्ययोजना तैयार करने तथा इसके लिए संबंधित विभागों एवं विकसित भारत–जी राम जी योजना का सहयोग लेने का निर्देश दिया।
अध्यक्ष ने उपलब्ध बजटीय राशि का उपयोग बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई विस्तार एवं जल संरक्षण की योजनाओं में प्राथमिकता के आधार पर करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
बैठक में बिहार विधान सभा सचिवालय के प्रभारी सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह, मुख्य अभियंता निखिल कुमार, अधीक्षण अभियंता अमरेंद्र कुमार सहित विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।