कैलाशपति मिश्र की जयंती पर डॉ. प्रेम कुमार का बड़ा संदेश, बोले- आज भी प्रेरणा हैं ‘भीष्म पितामह’
Patna: बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भारतीय जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, कुशल संगठनकर्ता और बिहार भाजपा के वरिष्ठ स्तंभ स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि कैलाशपति मिश्र का पूरा जीवन राष्ट्र, समाज और संगठन की सेवा के लिए समर्पित रहा।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि 5 अक्टूबर 1923 को बक्सर जिले के दुधारचक में जन्मे कैलाशपति मिश्र ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी से लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनसंघ के माध्यम से बिहार में संगठन के विस्तार तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका योगदान बिहार के राजनीतिक और संगठनात्मक इतिहास में अविस्मरणीय है।
गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कैलाशपति मिश्र की पहचान एक ऐसे कुशल संगठनकर्ता के रूप में रही, जिन्होंने कार्यकर्ताओं को तैयार करने और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में संगठन निर्माण को हमेशा प्राथमिकता दी और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत संबंध बनाए।
उन्होंने बताया कि 1977 में कैलाशपति मिश्र बिक्रम विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए और तत्कालीन कर्पूरी ठाकुर सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद वे बिहार भाजपा के प्रथम प्रदेश अध्यक्ष बने। आगे चलकर उन्होंने गुजरात के राज्यपाल और राजस्थान के कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में भी संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया।
सादगी और अनुशासन के लिए याद किए जाते हैं कैलाशपति मिश्र
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि कैलाशपति मिश्र का सार्वजनिक जीवन सादगी, अनुशासन, विचारों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता और राष्ट्रहित की भावना का उदाहरण रहा। उन्होंने सत्ता और पद की अपेक्षा संगठन और सेवा को अधिक महत्व दिया।
उन्होंने कहा कि कैलाशपति मिश्र का जीवन यह संदेश देता है कि एक समर्पित कार्यकर्ता अपने विचारों, आचरण और संगठन के प्रति निष्ठा के माध्यम से समाज में स्थायी बदलाव का माध्यम बन सकता है।
नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा हैं उनके विचार
बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कैलाशपति मिश्र के विचार और उनके संगठनात्मक संस्कार आज भी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी जयंती के अवसर पर उनके आदर्शों और मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के प्रति कैलाशपति मिश्र की प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।