डॉ. संजीव कुमार बोले - हम शेर दिल इंसान हैं, परेशान होकर पीछे नहीं हटेंगे, सिस्टम मैनेज है, चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में फर्जी मतदान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि कई मतदान केंद्रों पर फर्जी मतदाता वोट डाल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि धनरुआ में एक फर्जी मतदाता को पकड़ा गया है, जबकि उनके अनुसार अलग-अलग जगहों पर अब तक 22 से 27 संदिग्ध फर्जी मतदाताओं को पकड़ा गया है। डॉ. संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि ये सभी मतदाता नवल किशोर यादव के समर्थक थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव के दिन फर्जी मतदान के आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। डॉ. संजीव कुमार ने दावा किया कि राजवंशी नगर और मिलर स्कूल स्थित मतदान केंद्रों पर भी फर्जी वोटिंग हुई है। उन्होंने कहा कि वह खुद संबंधित बूथों पर जाकर स्थिति दिखाने को तैयार हैं। उनका आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग को भी इस मामले की जानकारी दी है। उनके मुताबिक, आयोग की तरफ से उन्हें केवल यह जवाब मिला कि मामले को देखा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था में गड़बड़ी है और शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
डॉ. संजीव कुमार ने मतदान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि फर्जी मतदान को लेकर शिकायत करने के बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि राजवंशी नगर बूथ पर चलने पर उन्हें कई ऐसे मतदाता दिखाने को मिलेंगे, जिनके मतदान करने पर उन्हें संदेह है। उन्होंने मिलर स्कूल में भी फर्जी वोट पड़ने का आरोप लगाया।
उन्होंने एक अन्य मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सिद्धार्थ महिला कॉलेज के नाम पर भी कुछ मतदाता बनाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पटना में इस नाम का कॉलेज मौजूद है। हालांकि, कॉलेज के अस्तित्व और संबंधित मतदाताओं की वैधता को लेकर उनके दावे की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह इस संबंध में आवाज उठा रहे हैं, तो उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
डॉ. संजीव कुमार ने अपने घर पर देर रात पटना पुलिस की छापेमारी का मुद्दा भी उठाया। इस कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने इसे सरकार की हताशा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में एनडीए प्रत्याशियों की स्थिति कमजोर होने के कारण उनके खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, "मामला कुछ भी नहीं था। यह सरकार का फ्रस्ट्रेशन है। सरकार देख रही है कि हम लोग चुनाव हार रहे हैं, तो मेरे ऊपर फ्रस्ट्रेशन निकाल रही है।"