महागठबंधन में भूचाल: तेजस्वी के सबसे करीबी विधायक ने छोड़ी पार्टी, नाम जानकर हो जायेंगे हैरान

 

Bihar Vidhan sabha chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सभी दल अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी बीच, बिहार बीजेपी कार्यालय में मंगलवार को तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक ने राजनीतिक चर्चाओं को गर्मा दिया है। पार्टी ने इस दौरान 125 विधानसभा सीटों के संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है। हर सीट के लिए तीन-तीन नामों को फाइनल किया गया है, जिन्हें अब दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय भेजा जाएगा।

25 विधायकों का कट सकता है टिकट

सूत्रों के मुताबिक, इस बार बीजेपी कई पुराने चेहरों को बदलने के मूड में है। लगभग 25 मौजूदा विधायकों का टिकट काटने की तैयारी है। पार्टी नेतृत्व ने इन विधायकों के प्रदर्शन, जनसंपर्क की स्थिति, निष्क्रियता और शिकायतों के आधार पर यह निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि इन सीटों पर नए और युवाओं को मौका देने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है, ताकि जनता के बीच “नई ऊर्जा” और “साफ छवि” का संदेश जा सके।

11 और 12 अक्टूबर को होगी अंतिम मुहर

बीजेपी की फाइनल सूची पर मुहर दिल्ली में 11 और 12 अक्टूबर को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति और संसदीय बोर्ड की बैठक में लगाई जाएगी। बिहार इकाई की ओर से भेजी गई सिफारिशों पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का अंतिम फैसला होगा।

पिछली बार 110 सीटों पर लड़ी थी बीजेपी

2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 110 सीटों पर मुकाबला किया था और 80 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार भी पार्टी उसी संख्या के आसपास सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। बैठक में पहले उन सीटों पर चर्चा की गई जहां बीजेपी के मौजूदा विधायक हैं, उसके बाद उन क्षेत्रों पर फोकस किया गया जहां संगठनात्मक रूप से पार्टी मजबूत स्थिति में है।

‘मध्य प्रदेश मॉडल’ पर नजर

सूत्रों का कहना है कि बिहार बीजेपी इस बार ‘मध्य प्रदेश मॉडल’ अपनाने पर विचार कर रही है। मध्य प्रदेश में पार्टी ने अपने कई वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारकर बड़ी जीत दर्ज की थी। उसी तर्ज पर, राधामोहन सिंह, नित्यानंद राय, गिरिराज सिंह, सम्राट चौधरी, संजय जायसवाल और शाहनवाज हुसैन जैसे बड़े चेहरों को भी विधानसभा चुनाव में उतारा जा सकता है।

सिर्फ “विनिंग पोटेंशियल” वाले उम्मीदवारों को टिकट

बैठक में उम्मीदवार चयन के लिए कई मानक तय किए गए, जैसे:
    •    क्षेत्र में जनस्वीकृति और स्थानीय प्रभाव,
    •    संगठन में सक्रियता और योगदान,
    •    सत्ता विरोधी लहर का आकलन,
    •    और प्रत्याशी का “विनिंग पोटेंशियल”।

पार्टी का स्पष्ट संदेश है कि टिकट उसी को मिलेगा जो जीतने की क्षमता रखता है।

जल्द जारी होगी पहली सूची

बीजेपी नेतृत्व ने फैसला किया है कि पहली उम्मीदवार सूची जल्द जारी की जाएगी, ताकि प्रत्याशी और कार्यकर्ता मैदान में समय से उतर सकें। पार्टी का इस बार फोकस “मजबूत उम्मीदवार + मजबूत संगठन + विकास मॉडल” के फॉर्मूले पर है।

बीजेपी नेताओं का दावा है कि “मिशन 2025” के तहत पार्टी न सिर्फ सत्ता बरकरार रखेगी, बल्कि पिछली बार से अधिक सीटें जीतकर रिकॉर्ड कायम करेगी।