RJD में भूचालः वोट बैंक गया, परिवार भी हाथ से फिसला- रोहिणी बोलीं, “मेरा अब कोई परिवार नहीं”
Bihar political news: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को गहरे संकट में डाल दिया है। महज 25 सीटों पर सिमट चुकी पार्टी अब न सिर्फ राजनीतिक बिखराव झेल रही है, बल्कि लालू परिवार के भीतर भी तनाव चरम पर पहुंच गया है। चुनावी पराजय के तुरंत बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का परिवार और पार्टी से अलग होने का फैसला पूरे सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सुबह-सुबह दो धमाकेदार ट्वीट, तीखे आरोप- ‘गंदी किडनी’ बोलकर अपमान किया गया’
रविवार की सुबह रोहिणी आचार्य ने लगातार दो ट्वीट कर तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज़ पर गंभीर आरोप लगाए। अपने पहले ट्वीट में उन्होंने दिल दहला देने वाला खुलासा करते हुए कहा: “मुझे गालियाँ दी गईं, कहा गया कि मैंने अपने पिता को गंदी किडनी लगवा दी। करोड़ों रुपये लिए, टिकट लिया और फिर किडनी दी। आज मुझे गंदी कहा जा रहा है।”
रोहिणी ने शादीशुदा बेटियों को चेतावनी देते हुए लिखा कि “कभी अपने पिता को बचाने की भूल मत करना। बेटे को कहा जाए कि अपनी किडनी दे।”
उन्होंने दर्द भरे शब्दों में यह भी कहा कि किडनी दान करते समय न उन्होंने अपने तीन बच्चों के बारे में सोचा, न पति–ससुराल से अनुमति ली- “आज वही सबसे बड़ा गुनाह बता दिया गया।”
‘बेइज़्ज़त करके चप्पल उठाया गया’-रोहिणी की दूसरी पीड़ा भरी पोस्ट
दूसरे ट्वीट में रोहिणी का दर्द और खुलकर सामने आता है। उन्होंने लिखा: “कल एक बेटी, एक बहन, एक माँ को जलील किया गया। गालियाँ दी गईं। मुझ पर चप्पल उठाया गया। मुझे मेरा मायका छुड़वा दिया गया… मुझे अनाथ बना दिया गया।”
उनकी पोस्ट से साफ झलकता है कि लालू परिवार में स्थिति संभालने के बजाय और बिगड़ चुकी है।
परिवार और राजनीति से नाता तोड़ने का ऐलान
कुछ घंटे बाद रोहिणी ने तीसरा ट्वीट कर तहलका मचा दिया- “मैं राजनीति छोड़ रही हूँ और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूँ। संजय यादव और रमीज़ ने मुझसे यही करने को कहा था।”
ऐसा पहली बार हुआ है जब लालू यादव की किसी संतान ने परिवार को इतनी कड़वी भाषा में सार्वजनिक रूप से निशाना बनाया है|
राबड़ी आवास छोड़कर निकलीं, एयरपोर्ट पर बोलीं- ‘मेरा कोई परिवार नहीं रहा’
शनिवार देर शाम रोहिणी आचार्य राबड़ी आवास छोड़कर बाहर आईं। एयरपोर्ट से जाते समय जब मीडिया ने सवाल पूछे तो रोहिणी आंसुओं के साथ बोलीं: “मेरा अब कोई परिवार नहीं है। संजय यादव, रमीज़ और तेजस्वी यादव से पूछिए—उन्होंने ही मुझे निकाला है। पार्टी क्यों हारी, इसका जवाब कोई नहीं देना चाहता। संजय और रमीज़ का नाम लो तो गाली, अपमान और मार पड़ती है।”
उनके ये शब्द केवल व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि RJD के भीतर गहरे फूट और असंतोष की ओर इशारा कर रहे हैं।
RJD पर गहराया संकट- करारी हार के बाद परिवार भी टूट की कगार पर
RJD की करारी हार के बाद जिस तरह रोहिणी ने परिवार पर निशाना साधा है, उससे पार्टी पर दोहरा संकट मंडरा रहा है:
1. संगठन में बिखराव
2. परिवार में टूट
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में RJD को और कमजोर कर सकता है, क्योंकि रोहिणी केवल एक बेटी नहीं बल्कि लालू यादव के सबसे भरोसेमंद संतान मानी जाती थीं।