‘शपथ में सम्राट, लेकिन निशांत नदारद’: बिहार के सबसे बड़े सियासी मंच से दूरी ने बढ़ाई हलचल
शपथ समारोह से दूरी, उठे कई सवाल
पटना के लोकभवन में आयोजित इस भव्य समारोह में जहां एनडीए के तमाम दिग्गज मौजूद रहे, वहीं निशांत कुमार न तो मंच पर दिखे और न ही किसी शीर्ष नेता से मुलाकात करते नजर आए। पिछले एक महीने से राजनीतिक रूप से सक्रिय दिख रहे निशांत का इस बड़े आयोजन से दूरी बनाना कई तरह की अटकलों को जन्म दे रहा है।
राजनीति में एंट्री पर सस्पेंस बरकरार
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने निशांत की गैरमौजूदगी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है कि वे सक्रिय राजनीति में आएंगे या नहीं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी उन्हें राजनीति में देखना चाहती है।
तेजस्वी के बयान पर पलटवार
वहीं तेजश्वी यादव के ‘लालू की पाठशाला’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि वे भी जनता दल की ही ‘पाठशाला’ से निकले हैं।
नीतीश का संदेश, सम्राट का एक्शन मोड
इस बीच नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में बिहार तेजी से विकास करेगा। शपथ के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर यह संकेत भी दे दिया कि सरकार ‘एक्शन मोड’ में आ चुकी है।
पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार
बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनी है, जिसमें विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक बड़े ‘पावर शिफ्ट’ के तौर पर देखा जा रहा है।