बिहार विधानसभा में ‘कचरा’ बना सियासी बारूद: भाजपा विधायक आपस में भिड़े, अशोक चौधरी के बयान पर विपक्ष का हंगामा
• कटौती प्रस्ताव वाले क्षेत्रों में विकास रोकने के आरोप पर सदन में तीखी नोकझोंक
• स्पीकर ने विवादित टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने का दिया निर्देश
मधुबन के विधायक राणा रणधीर की अनुपस्थिति में मोतिहारी के विधायक प्रमोद कुमार ने नगर निकायों में कचरा प्रबंधन की स्थिति पर सवाल उठाया। इस पर नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभिन्न शहरों में चल रही योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया।
प्रमोद कुमार ने आगे पूछा कि क्या सरकार कचरे से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी और सरकार नियमित समीक्षा कर रही है।
भाजपा विधायकों में तकरार
चर्चा के दौरान बिहारशरीफ के विधायक सुनील कुमार ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए हस्तक्षेप किया। इसी बीच पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा ने विभागीय योजनाओं से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी रखी। इस पर सुनील कुमार ने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या वे “प्रॉक्सी मंत्री” की भूमिका निभा रहे हैं।
देखते ही देखते मामला गरमा गया और सत्ता पक्ष के विधायकों के बीच ही तीखी बहस शुरू हो गई। अंततः विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई और कार्यवाही आगे बढ़ सकी।
अशोक चौधरी के बयान पर विपक्ष का हमला
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। राजद विधायक सर्वजीत ने आरोप लगाया कि मंत्री अशोक चौधरी ने कथित तौर पर कहा कि जिन विधायकों ने कटौती प्रस्ताव लाया है, उनके क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं होंगे।
सर्वजीत ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 38 और 39 की भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि किसी क्षेत्र को राजनीतिक आधार पर विकास से वंचित करना मनमाना और असंवैधानिक कदम होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सदन में विशेषाधिकार प्राप्त होने का मतलब यह नहीं कि अनुचित भाषा या धमकी जैसी टिप्पणी की जाए।
स्पीकर का हस्तक्षेप
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि विवादित बयान कार्यवाही में दर्ज हुआ है और उसे हटाया जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी, लेकिन दिनभर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तल्खी का माहौल बना रहा।
कचरा प्रबंधन जैसे प्रशासनिक मुद्दे से शुरू हुई चर्चा ने राजनीतिक तापमान इतना बढ़ा दिया कि सदन में ‘कचरे’ से ज्यादा सियासी चिंगारियां उड़ती नजर आईं।