‘सात निश्चय–3’ को हरी झंडी: 2030 तक बिहार को विकसित राज्यों की कतार में लाने का लक्ष्य
Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के विकास एजेंडे को नई दिशा देते हुए ‘सात निश्चय–3’ को मंजूरी दे दी है। इस नए कार्यक्रम के तहत सरकार ने अगले पांच वर्षों में पूरे किए जाने वाले सात बड़े विकास लक्ष्य तय किए हैं। वर्ष 2025 से 2030 तक लागू रहने वाले इस रोडमैप का मकसद बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन कार्यक्रम के तहत पहले चरण (2015–2020) और दूसरे चरण (2020–2025) में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद अब विकास की रफ्तार को और तेज करने के लिए सात निश्चय–3 लागू किया गया है।
क्या है ‘सात निश्चय–3’ का विजन
सीएम नीतीश के अनुसार, इस तीसरे चरण में रोजगार, आय, उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे को केंद्र में रखते हुए सात संकल्प तय किए गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों के जीवन स्तर पर पड़ेगा।
1. दोगुना रोजगार – दोगुनी आय
इस संकल्प का उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना है। इसके तहत
• महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में स्वरोजगार हेतु ₹10 हजार की शुरुआती सहायता और आगे विस्तार के लिए ₹2 लाख तक की मदद दी जाएगी।
• जाति आधारित गणना में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
• अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग पहले ही गठित किया जा चुका है।
2. समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियां बनाई गई हैं। इनका लक्ष्य बिहार को
• पूर्वी भारत का टेक हब बनाना,
• विश्वस्तरीय कार्यस्थल के रूप में विकसित करना,
• और स्थानीय उद्यमियों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है।
सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को फिर से चालू करने और 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
3. कृषि में प्रगति – प्रदेश की समृद्धि
कृषि क्षेत्र में चौथे कृषि रोडमैप (2024–2029) को गति दी जाएगी।
• मखाना, डेयरी और मत्स्य पालन पर विशेष फोकस होगा।
• हर पंचायत में ‘सुधा’ बिक्री केंद्र खोलने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की योजना है।
4. उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य
राज्य में उच्च शिक्षा के लिए अलग विभाग का गठन किया गया है।
• पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा।
• नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना भी शामिल है।
5. सुलभ स्वास्थ्य – सुरक्षित जीवन
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए
• प्रखंड स्तर पर सीएचसी को स्पेशलिटी अस्पताल,
• और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नई नीतियां लाई जाएंगी।
6. मजबूत आधार – आधुनिक विस्तार
इस संकल्प के तहत
• शहरी विस्तार और सस्ते आवास,
• पांच नए एक्सप्रेस-वे,
• ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण,
• सौर ऊर्जा को बढ़ावा,
• पर्यटन स्थलों का विकास,
• फिल्म सिटी और पटना में स्पोर्ट्स सिटी का निर्माण प्रस्तावित है।
7. सबका सम्मान – जीवन आसान
आधुनिक तकनीक, नवाचार और संवेदनशील प्रशासन के जरिए शासन को और अधिक जनोन्मुखी बनाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों का जीवन सरल हो सके।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भरोसा जताया कि ‘सात निश्चय–3’ के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार का समग्र विकास होगा और राज्य आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाएगा।