सरकार किसानों के लिए धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने के लिए तत्पर : राम कृपाल यादव

उत्तर बिहार में अब तक 1,088.594 मीट्रिक टन धान की हुई अधिप्राप्ति
 

राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को धान बिक्री में किसी प्रकार की परेशानी न हो, उन्हें बिचौलियों पर निर्भर न रहना पड़े तथा उनकी उपज का भुगतान निर्धारित समय-सीमा में सीधे बैंक खाते में हो, इसके लिए विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के अंतर्गत उत्तर बिहार में 1 नवंबर, 2026 से धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पैक्स एवं व्यापार मंडलों के माध्यम से किसानों से धान की खरीद की जा रही है। विभाग द्वारा अधिप्राप्ति कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस व्यवस्था का लाभ मिल सके।

उत्तर बिहार में अब तक 1,088.594 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है। धान खरीद के मामले में सीतामढ़ी जिला 204.150 मीट्रिक टन के साथ प्रथम स्थान पर है। इसके बाद सीवान में 131.540 मीट्रिक टन तथा वैशाली में 114.445 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। वहीं पश्चिम चंपारण में 99.750 मीट्रिक टन तथा समस्तीपुर में 91.329 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई है।

किसानों के लिए अधिप्राप्ति प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से पैक्स एवं व्यापार मंडलों द्वारा कृषि विभाग, बिहार के www.dbtagriculture.bihar.gov.in अथवा एग्रीस्टैक (AgriStack) पोर्टल पर निबंधित किसानों से धान की खरीद की जा रही है। धान अधिप्राप्ति का लाभ लेने के लिए किसानों का कृषि विभाग, बिहार के पोर्टल पर निबंधित होना आवश्यक है। इसके बाद सहकारिता विभाग के ई-सहकारी पोर्टल https://esahkari.bihar.gov.in पर किसान कॉर्नर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। बिना ऑनलाइन आवेदन के किसान द्वारा धान की बिक्री नहीं की जा सकेगी। धान अधिप्राप्ति की अवधि 1 नवंबर, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक निर्धारित की गई है।

धान अधिप्राप्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा खरीद प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी के लिए विभाग द्वारा मोबाइल ऐप का निर्माण कराया गया है। इससे अधिप्राप्ति कार्य की निगरानी एवं प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी।

खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-A धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों को गनी बैग (बोरी) के लिए 25 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। किसानों को धान बिक्री के बाद 48 घंटे के अंदर उनके नामित बैंक खाते में भुगतान करने का प्रावधान किया गया है। एक रैयत किसान अधिकतम 250 क्विंटल तथा गैर-रैयत किसान अधिकतम 100 क्विंटल धान बेच सकते हैं।

उत्तर बिहार में धान अधिप्राप्ति प्रारंभ होने के बाद अब दक्षिण बिहार में भी इसकी शुरुआत की तैयारी की जा रही है। दक्षिण बिहार के जिलों में 15 नवंबर, 2026 से धान की खरीद प्रारंभ करने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि निर्धारित तिथि से अधिप्राप्ति कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके।

धान अधिप्राप्ति से संबंधित जानकारी एवं सहायता के लिए किसान विभागीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 0612-2200693 तथा टोल फ्री नंबर 1800-3454-110 पर संपर्क कर सकते हैं।