उद्योग, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित व्यवसायिक समागम का राज्यपाल ने किया उद्घाटन, मंत्री श्रेयसी सिंह ने निवेशकों को बिहार में निवेश के लिए किया आमंत्रित

Patna: कार्यक्रम की शुरुआत में चैम्बर अध्यक्ष पी.के. अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार चैम्बर की स्थापना वर्ष 1926 में हुई थी और आज यह संस्था एक विशाल स्वरूप धारण कर चुकी है. उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सितंबर 2025 से सितंबर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं...
 

Patna: बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शताब्दी वर्ष के अवसर पर 23 और 24 मई 2026 को चैम्बर प्रांगण में आयोजित राज्यस्तरीय दो दिवसीय “व्यवसायिक समागम” का उद्घाटन माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम में राज्यभर से आए उद्यमियों, व्यवसायियों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

कार्यक्रम की शुरुआत में चैम्बर अध्यक्ष पी.के. अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार चैम्बर की स्थापना वर्ष 1926 में हुई थी और आज यह संस्था एक विशाल स्वरूप धारण कर चुकी है. उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सितंबर 2025 से सितंबर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके तहत इस व्यवसायिक समागम का आयोजन किया गया है. उन्होंने कहा कि समागम में राज्य के विभिन्न हिस्सों से 70 से अधिक उद्यमी एवं व्यवसायिक संगठनों के करीब 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

पी.के. अग्रवाल ने कहा कि समागम का उद्देश्य व्यापार और उद्योग के विकास पर सार्थक चर्चा करना, वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों, नए आयकर अधिनियम, श्रम कानून, कंपनी अधिनियम, जीएसटी प्रावधानों में लगातार हो रहे बदलाव, औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2016 और औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज 2025 समेत व्यवसायियों की समस्याओं पर विचार-विमर्श करना है. उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं के निष्कर्ष संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाए जाएंगे ताकि राज्य के व्यापारियों और उद्यमियों को बेहतर वातावरण मिल सके. इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, सोलर पावर और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई.

अपने संबोधन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन ने कहा कि बिहार में खासकर पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इसकी गति को और तेज करने के लिए उद्यमियों एवं व्यवसायियों का सहयोग जरूरी है. उन्होंने व्यवसायियों से सरकार पर विश्वास बनाए रखने की अपील की और कहा कि चैम्बर समाज के उत्थान के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है.

समागम के दूसरे सत्र में “व्यवसाय, राजनीति एवं विकास” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई. इसमें बिहार विधान सभा के सदस्य संजय सरावगी और संजीव चौरसिया समेत अन्य वक्ताओं ने भाग लिया. वक्ताओं ने कहा कि राजनीति और व्यवसाय दोनों विकास की गाड़ी के दो पहिए हैं और इनके बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है. संजय सरावगी ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास के लिए माहौल अनुकूल है और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. परिचर्चा में अनुप केडिया, पी.के. सिंह और सुनील सर्राफ ने भी अपने विचार रखे.

समागम के तीसरे सत्र में बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने निवेशकों से राज्य में अधिकाधिक निवेश करने का आग्रह किया और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया.

कार्यक्रम के प्रथम दिवस के अंत में झूमरी एंड पार्टी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने आनंद उठाया.

इस अवसर पर चैम्बर के उपाध्यक्ष एन.के. ठाकुर, विशाल टेकरीवाल, महामंत्री मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष राजेश जैन समेत कई पूर्व अध्यक्ष, पदाधिकारी और सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे.