बिना लालू-राजद के कितना मुश्किल होगा तेज प्रताप यादव का चुनाव, क्या 'Blackboard' से नया इतिहास लिख पाएंगे?

Bihar Desk: बिहार में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी का नाम 'जनशक्ति जनता दल' है और चुनाव चिन्ह 'ब्लैकबोर्ड' होगा.
 
Bihar Desk: बिहार में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी का नाम 'जनशक्ति जनता दल' है और चुनाव चिन्ह 'ब्लैकबोर्ड' होगा.

Bihar Desk: बिहार में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी का नाम 'जनशक्ति जनता दल' है और चुनाव चिन्ह 'ब्लैकबोर्ड' होगा. तेज प्रताप यादव ने कहा कि जनशक्ति जनता दल आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी. उन्होंने बताया कि पार्टी का गठन साल 2020 में किया गया था और अब चुनाव आयोग ने इसे ब्लैकबोर्ड का चुनाव चिन्ह दिया है.

तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे बिहार गठबंधन नाम से एक नया राजनीतिक मोर्चा बना रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री पद के भूखे नहीं हैं. परिवार से जुड़े सवालों पर उन्होंने जवाब देने से बचते हुए कहा कि 'पूरा बिहार ही मेरा परिवार है.'

तेज प्रताप ने कहा कि चाहे कांग्रेस हो या कोई अन्य दल, किसी को भी उनकी मां पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि जो ऐसा करेगा, उसे भगवान का श्राप लगेगा.

हालांकि सवाल उठ रहा है कि क्या तेज प्रताप 'ब्लैकबोर्ड' से चुनाव में कोई नया इतिहास लिख पाएंगे? दरअसल लालू परिवार और राजद से निष्कासित तेज प्रताप यादव के लिए ये चुनाव उनके अस्तित्व के लिए बड़ा इम्तिहान है. बिहार की राजनीति के जानकार लोगों का मानना है कि तेज प्रताप यादव ने 2015 में पहला चुनाव लड़ा था. उस वक्त नीतीश कुमार राजद के साथ थे. साथ ही लालू यादव ने भी चुनावी रणनीति बनाई थी.

बताते चलें कि अभी तक तेज प्रताप के साथ उनके पिता लालू प्रसाद यादव और राजद का नाम जुड़ा था. लेकिन इस चुनाव में तेज प्रताप के लिए समीकरण अलग होंगे. अब उनके साथ न तो नीतीश कुमार हैं, न ही लालू और राजद. ऐसे में तेज प्रताप के लिए इस बार का चुनाव कठिन होगा. चुनाव में तेज प्रताप यादव अपने दम पर जीत दर्ज करेंगे या नहीं? इसका जवाब चुनाव के नतीजे आने पर पता चलेगा.