बिहार विधान परिषद में जोरदार हंगामा, कानून-व्यवस्था मुद्दे पर सत्ता–विपक्ष आमने-सामने, कार्यवाही स्थगित
सुनील कुमार और अशोक चौधरी के बीच तीखी बहस
चर्चा के दौरान राजद के सदस्य सुनील कुमार और मंत्री अशोक चौधरी के बीच जोरदार बहस हुई। मामला बढ़ता देख जदयू के एमएलसी नीरज कुमार भी चर्चा में कूद पड़े। उन्होंने राजद पर पलटवार करते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाता है, तो उसी तर्क से तेजस्वी यादव की जीत पर भी सवाल उठता है। इस बयान के बाद सदन का माहौल और ज्यादा गरम हो गया।
सभापति ने हंगामे पर जताई नाराज़गी
लगातार शोर-शराबे के बीच सभापति अवधेश नारायण सिंह ने विपक्ष के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन तय नियमों से चलता है और किन मुद्दों पर चर्चा होगी, यह पहले से निर्धारित रहता है। बिना नोटिस के केवल हंगामा करना संसदीय परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों को शांत रहने की नसीहत भी दी, लेकिन इसका असर नहीं दिखा।
राबड़ी देवी पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
इसी दौरान सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने लालू-राबड़ी शासनकाल के 15 वर्षों पर टिप्पणी की, जिस पर राजद सदस्य भड़क गए। पहले राबड़ी देवी ने विरोध जताया, फिर अन्य राजद सदस्य भी अपनी सीटों से उठकर विरोध करने लगे। देखते ही देखते नारेबाजी शुरू हो गई और माहौल हाथापाई जैसी स्थिति में बदलता नजर आया।
हंगामे के बीच कार्यवाही रोकी गई
सदन में बिगड़ते हालात को देखते हुए सभापति ने कार्यवाही स्थगित कर दी। हंगामे के कारण तय एजेंडा पर चर्चा नहीं हो सकी और सदन बिना कामकाज के ही रोकना पड़ा।