JDU ने अपने पार्टी के 12 बड़े नेताओं को निकाला बाहर...

Bihar Politics: सभी को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है. यह कार्रवाई पार्टी द्वारा गठित तीन सदस्य समिति की रिपोर्ट पर की गई है. जिसमें पार्टी और गठबंधन के प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने का आरोप है...
 

Bihar Politics: जदयू ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी विरोधी कार्य करने वाले एक दर्जन नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. जिन नेताओं पर कार्रवाई की गई है उनमें से औरंगाबाद, सिवान, गया जी, दरभंगा, जहानाबाद, सहरसा के नेता शामिल हैं.

6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित: प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से जारी किए गए लेटर में औरंगाबाद, सहरसा और सिवान के दो-दो नेता जबकि जहानाबाद के चार नेता शामिल हैं. वहीं गया और दरभंगा के एक-एक नेता शामिल हैं. सभी को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है. यह कार्रवाई पार्टी द्वारा गठित तीन सदस्य समिति की रिपोर्ट पर की गई है. जिसमें पार्टी और गठबंधन के प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने का आरोप है.

पार्टी से निकाले गए नेताओं की सूची 

सौंपी गई थी रिपोर्ट : राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय झा के पटना आने पर उन्हें अनुशासन समिति की ओर से तैयार एक रिपोर्ट भी सौंपी गई थी. चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी की अध्यक्षता में पार्टी ने एक अनुशासन समिति बनाई थी. जिसमें पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार और मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार भी सदस्य बनाए गए थे. पार्टी के वरिष्ठ नेता और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी की उपस्थिति में संजय झा को रिपोर्ट दी गई थी. उस रिपोर्ट के बाद ही यह पहली कार्रवाई हुई है.

''जदयू और सहयोगी दलों के उम्मीदवारों की तरफ से शिकायत आई थी. साथ ही जिला अध्यक्षों की भी शिकायत थी. सभी की शिकायत के आधार पर जांच के लिए तीन सदस्य कमेटी बनाई गई थी. सभी ने 6 बैठकें की. कमेटी ने पक्के सबूत के आधार पर कार्रवाई की अनुशंसा की थी. जिस पर प्रदेश अध्यक्ष ने सभी नेताओं पर कार्रवाई की है. उन्हें 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है.''अरविंद निषाद, जदयू प्रवक्ता

जेडीयू ने 12 नेताओं को पार्टी से निकाला

कई और नेताओं पर गिर सकती है गाज! : जदयू नेताओं से जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार आने वाले समय में और नेताओं पर कार्रवाई हो सकती है. पार्टी की ओर से अनुशासन कायम रखने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है. जहानाबाद में पार्टी को लोकसभा चुनाव में भी हार मिली थी. विधानसभा चुनाव में भी हार मिली है. वहीं अन्य स्थान पर गठबंधन के सहयोगी दलों की तरफ से भी शिकायतें मिली थी. उसके बाद ही यह कार्रवाई की गई है. जदयू की ओर से पहले भी कुछ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है.