सुरक्षा कटौती पर लालू परिवार का विरोध तेज, अब तेज प्रताप यादव ने भी लौटाई सरकारी सुरक्षा

 
Bihar Political News: बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सरकारी सुरक्षा में हाल में हुई कटौती को लेकर सियासी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले लालू-राबड़ी ने अपनी सुरक्षा वापस कर सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई थी, वहीं अब उनके बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था लौटाने का ऐलान कर दिया है।

तेज प्रताप यादव की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से जारी जानकारी में कहा गया कि उन्होंने अपनी सभी सुरक्षा सुविधाएं वापस कर दी हैं। बयान में दावा किया गया कि बिहार से बाहर रहने के दौरान उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन राज्य लौटने के बाद उन्होंने स्वेच्छा से इसे वापस करने का फैसला लिया है।

पोस्ट में यह भी कहा गया कि अब उनकी सुरक्षा से जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी सरकार की होगी। साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व बताया गया है।

राजनीतिक जानकार इस कदम को लालू परिवार की उस रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जिसके जरिए वे सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों का विरोध दर्ज करा रहे हैं। हाल के दिनों में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने भी अपनी सुरक्षा वापस कर राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे।

इसी बीच एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को आवंटित पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड सरकारी आवास खाली करने के लिए प्रशासन की ओर से दी गई समयसीमा भी समाप्त हो गई है। ऐसे में सुरक्षा और आवास से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और राजद के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

तेज प्रताप यादव भले ही अब अपनी अलग राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व कर रहे हों, लेकिन हाल के घटनाक्रमों से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि परिवार से जुड़े मुद्दों पर वह खुलकर अपने माता-पिता के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बिहार की राजनीति में और हलचल देखने को मिल सकती है।