ट्रांसफर-पोस्टिंग में गड़बड़ी पर मंत्री दिलीप जायसवाल का बड़ा एक्शन, बोले- अब पारदर्शिता से होगा काम
Bihar Politics: बिहार सरकार में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है. इस मुद्दे पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि अब मंत्रालय में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले ट्रांसफर-पोस्टिंग में अनियमितताएं होती थीं, लेकिन अब व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा रहा है.
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि तबादले पूरी तरह नियमों और नीति के तहत ही किए जाएंगे. किसी भी स्तर पर सिफारिश, लेन-देन या दबाव की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी.
इस विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग पर मोटी रकम घूस लेने का आरोप भी लगता रहा है. इस साल भी ट्रांसफर पोस्टिंग होनी है. मगर इससे पहले विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने शास्त्र तौर पर कहा कि 'पहले मंत्रालय भ्रष्टाचार मुक्त हो तो विभाग भी खुद ब खुद ईमानदार हो जाएगा'.
'मंत्री ईमानदार रहेगा तभी विभाग ईमानदारी से काम करेगा'
मंत्री दिलीप जायसवाल ने शनिवार (16 मई) को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट संदेश दे दिया है कि राजस्व मंत्री सबसे पहले खुद ईमानदार होगा. उनका कहना था कि जब मंत्री ईमानदार रहेगा तभी पूरा विभाग भी ईमानदारी से काम कर सकेगा. उन्होंने कहा कि ट्रांसफर-पोस्टिंग और मंत्रालय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सबसे पहले मंत्रालय को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना जरूरी है. इसी उद्देश्य से सभी अधिकारियों और पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
विभाग में हड़ताल के चलते मापी के 48 हजार मामले लंबित
दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस सख्त संदेश का असर अब निचले स्तर तक भी दिखाई देने लगा है. उन्होंने बताया कि विभाग में हड़ताल के कारण जमीन मापी के करीब 48 हजार मामले लंबित पड़े हुए हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जमीन मापी में देरी होने से लोगों के बीच विवाद, मारपीट और अपराध की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए विशेष अभियान चलाकर समय पर मापी का काम पूरा किया जाए. इसके अलावा हड़ताल के चलते परिमार्जन के लाखों आवेदन भी लंबित हैं.
मंत्री ने बताया कि इन सभी लंबित मामलों को निपटाने के लिए 30 जून तक की समय सीमा तय की गई है और अधिकारियों को इस अवधि के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि करीब 6 लाख 60 हजार जमाबंदी के मामले भी अभी लंबित हैं. इन मामलों को लेकर विभाग लगातार काम कर रहा है और एग्री एस्टेट को जोड़कर 30 जून तक सभी लंबित मामलों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है.
भू अभिलेख की नकल ऑनलाइन कराई जा रही उपलब्ध
उन्होंने कहा कि हमने डिजिटलीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की है. राज्य के करीब 33 करोड़ पन्नों को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड किया जा चुका है. इसके माध्यम से अब आम लोगों को भू अभिलेख की नकल ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है. अभी तक 15 लाख से अधिक लोगों को ऑनलाइन नकल उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिससे लोगों को काफी सुविधा मिल रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के करीब आठ हजार गांवों का कैडेस्ट्रल खतियान गायब है.
इसके लिए विभिन्न माध्यमों से विज्ञापन निकालकर लोगों से इसमें मदद ली जाएगी. अगर किसी व्यक्ति के पास वह उपलब्ध है तो वह सरकार को उपलब्ध करा सकता है. इसके साथ ही मंत्री दिलीप जैसवाल ने कहा कि हमने भू-लगान की स्थिति की भी समीक्षा की है और अधिकारियों को भू-लगान की दरों में वृद्धि की संभावनाओं पर विमर्श करने का निर्देश दिया है.