नवादा में डैम के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध, सांसद सुधाकर सिंह हिरासत में
नवादा: बिहार के नवादा में डैम निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। नारदीगंज प्रखंड के मधुबन-मोतनाजे गांव के किसान सोमवार को उचित मुआवजे की मांग को लेकर जिला पदाधिकारी (डीएम) कार्यालय का घेराव करने और धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे थे। हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह और पूर्व विधायक मोहम्मद कामरान भी शामिल हैं। पुलिस सभी को अकबरपुर थाने ले गई।
थाने में हिरासत के दौरान सांसद सुधाकर सिंह ने वीडियो जारी कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें बिना वारंट दिए और हिरासत में रखने का कोई कानूनी आधार बताए बिना थाने में बैठाकर रखा गया है।
सुधाकर सिंह ने सवाल उठाया कि जब संसद का सत्र चल रहा है और उन्हें दिल्ली जाना है, तो बिना एफआईआर और किसी वैध दस्तावेज के उन्हें किस आधार पर रोका गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में न तो एसपी, न डीएम और न ही थाना प्रभारी कोई स्पष्ट जवाब दे रहे हैं।
सांसद ने अपनी हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मामले का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने मांग की कि उन्हें स्पष्ट रूप से बताया जाए कि किस कानूनी आधार पर उन्हें थाने में रखा गया है और कब तक जाने दिया जाएगा।
उचित मुआवजे की मांग पर अड़े किसान
दरअसल, डैम निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर स्थानीय किसानों में नाराजगी है। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन ली जा रही है, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि पहले भी संबंधित क्षेत्र के कई किसानों को जमीन के बदले मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है।
किसानों का कहना है कि जमीन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में जमीन अधिग्रहित होने और उचित मुआवजा नहीं मिलने से उनके सामने रोजी-रोटी और भविष्य का संकट खड़ा हो सकता है।
किसानों की मांग है कि सरकार और जिला प्रशासन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करें और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की व्यवस्था करें। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और किसानों की मांगों को लेकर विवाद गहरा गया है।