नीतीश का मास्टरस्ट्रोक धरा रह गया! इस बड़े नेता का जदयू में शामिल होना अचानक रद्द

 

Bihar Political News: Patna: विधानसभा चुनाव से पहले जिस घटना को नीतीश कुमार का मास्टरस्ट्रोक बताया जा रहा था, वो ऐन वक्त पर उलट गया। जहानाबाद के पूर्व सांसद और भूमिहार समाज के कद्दावर नेता अरुण कुमार का गुरुवार को जदयू में शामिल होना तय था, लेकिन पार्टी ने अचानक कार्यक्रम ही रद्द कर दिया।

जदयू दफ्तर में 4 सितंबर को दोपहर 1 बजे भव्य मिलन समारोह होना था। मंच पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा मौजूद रहते, लेकिन ऐन मौके पर सब ठप हो गया। पिछले 24 घंटे से जदयू नेता सोशल मीडिया पर अरुण कुमार के स्वागत में पोस्ट डाल रहे थे, मगर अब सब खामोश हैं।

जदयू में दो राय, भीतरखाने बगावत!

सूत्र बताते हैं कि जदयू का एक धड़ा अरुण कुमार को पार्टी में लेने के खिलाफ खड़ा हो गया। वजह साफ है— अरुण कुमार ने पहले नीतीश कुमार को लेकर बेहद तीखे हमले किए थे, जिनमें “छाती तोड़ने” जैसी बयानबाजी तक शामिल रही। यही वजह है कि पार्टी में उनके आगमन को लेकर विरोध और गुस्सा भड़क उठा।

बिहार बंद का बहाना या असली वजह?

एक वर्ग कह रहा है कि 4 सितंबर को भाजपा और एनडीए द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ को गाली देने के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के कारण कार्यक्रम स्थगित किया गया। लेकिन सच्चाई ये भी है कि जदयू के भीतर अरुण कुमार को लेकर गहरी असहमति है।

अब क्या होगा?

नई तारीख का कोई ऐलान नहीं हुआ है। अंदरखाने कयास लग रहे हैं कि विरोध शांत होने तक पार्टी इस मुद्दे को टालना चाहती है। फिलहाल अरुण कुमार का “नीतीश की पार्टी में एंट्री” सवालों के घेरे में है और पूरे राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है।