अब बिहार नहीं, गुजरात से चलेगी सरकार!- नीतीश के इस्तीफे के बाद तेजश्वी यादव का बड़ा हमला
गांधी की बात, गोडसे की राह
तेजस्वी यादव ने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन विचारों के खिलाफ कभी नीतीश कुमार खुद बोलते थे, आज उसी विचारधारा को राज्य में मजबूत करने का रास्ता उन्होंने खोल दिया है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता महात्मा गांधी का नाम लेते थे, वही अब नाथूराम गोडसे की विचारधारा से जुड़ी राजनीति को आगे बढ़ा रहे हैं।
सम्राट चौधरी पर भी निशाना
संभावित मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर सम्राट चौधरी का नाम सामने आने पर भी तेजस्वी यादव ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी “लालू यादव की पाठशाला” से निकले हैं और उन्हें आगे बढ़ाने का काम राजद ने किया था।
तेजस्वी ने तंज कसा कि भाजपा अब उन्हीं नेताओं को आगे कर रही है जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि राजद से जुड़ी रही है।
जनता नहीं, हाईकमान चुनेगा सीएम
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि बिहार में बनने वाली नई सरकार का मुख्यमंत्री जनता द्वारा सीधे तौर पर चुना हुआ नहीं होगा, बल्कि बाहर से तय किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि “अब बिहार का शासन गुजरात से चलेगा।”
इस्तीफे के बाद बदला सियासी समीकरण
गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने मंगलवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस दौरान सम्राट चौधरी और विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। इस्तीफे से पहले कैबिनेट बैठक में सरकार भंग करने के प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी थी, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया।
अब नजर 15 अप्रैल पर
सूत्रों के अनुसार, 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी जोरों पर है। ऐसे में बिहार की सियासत में बयानबाजी और सियासी वार-पलटवार आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति अब नए मोड़ पर खड़ी है- जहां सत्ता परिवर्तन के साथ-साथ सियासी टकराव भी अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है।