धान अधिप्राप्ति एवं गोदाम निर्माण में तेजी लाएं पदाधिकारी, 15 दिनों में सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें : राम कृपाल यादव
पटना: मंत्री राम कृपाल यादव ने आज मगध एवं कोसी प्रमंडल के सभी जिलों में सहकारिता विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में धान अधिप्राप्ति एवं चावल आपूर्ति, गोदाम निर्माण, बैंक मित्रों के माध्यम से माइक्रो एटीएम की डोरस्टेप सुविधा, पैक्सों में कॉमन सर्विस सेंटर का संचालन, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण वितरण, सहकारी बैंकों की स्थिति तथा वेजफेड एवं प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित कार्यों के समयबद्ध निष्पादन तथा जिलावार प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया।
गोदाम निर्माण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
गोदाम निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर माननीय मंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मगध जिला सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गोदाम निर्माण किसानों के कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण एवं सहकारिता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतः निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा भूमि की उपलब्धता, निर्माण संबंधी बाधाओं एवं अन्य लंबित प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
धान अधिप्राप्ति एवं चावल आपूर्ति की समीक्षा
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में मगध प्रमंडल में निर्धारित लक्ष्य 5,84,748 मीट्रिक टन के विरुद्ध 5,84,125.50 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई, जो लक्ष्य का लगभग 99.89 प्रतिशत है। वहीं, कोसी प्रमंडल में 2,71,992 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 2,71,889.24 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति हुई, जो लक्ष्य का लगभग 99.96 प्रतिशत है। मगध प्रमंडल द्वारा राज्य खाद्य निगम को समतुल्य चावल की आपूर्ति 99.23 प्रतिशत तथा कोसी प्रमंडल में 97.23 प्रतिशत प्रतिवेदित की गई। माननीय मंत्री ने अधिप्राप्ति से संबंधित शेष कार्यों एवं चावल आपूर्ति की लंबित प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निदेश दिया।
बैंक मित्रों के माध्यम से डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा का विस्तार
बैंक मित्रों एवं माइक्रो एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। माननीय मंत्री ने बैंक मित्रों के माध्यम से माइक्रो एटीएम की डोरस्टेप सुविधा को अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीणों को बैंक शाखाओं तक जाने की आवश्यकता कम हो तथा उन्हें अपने गांव एवं घर के निकट बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिल सके।
किसान क्रेडिट कार्ड एवं सहकारी बैंकों की स्थिति
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 25 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, मगध प्रमंडल में ई-पैक्स एवं जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से कुल 935 किसान क्रेडिट कार्ड खातों से संबंधित ऋण वितरण दर्ज किया गया, जिसकी कुल राशि 573.58 लाख रुपये है। कोसी प्रमंडल में इसी अवधि में 62 खातों के माध्यम से 35.40 लाख रुपये के ऋण वितरण का विवरण प्रस्तुत किया गया। माननीय मंत्री ने किसानों तक ऋण सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने तथा सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने सहकारी बैंकों को वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और नियामकीय प्रावधानों के अनुपालन पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, लंबित मामलों का निष्पादन तथा किसानों एवं ग्रामीण ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना संबंधित पदाधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
वेजफेड एवं सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों की समीक्षा
बैठक में वेजफेड तथा प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मगध प्रमंडल के पांच जिलों में कुल 61 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियां पंजीकृत हैं, जबकि कोसी प्रमंडल के तीन जिलों में 34 समितियां पंजीकृत हैं। प्रस्तुत विवरण में 31 मार्च 2026 तक मगध प्रमंडल की नौ तथा कोसी प्रमंडल की छह समितियों का अंकेक्षण दर्ज है। माननीय मंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों को समितियों की गतिविधियों को प्रभावी बनाने, अंकेक्षण सहित लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने तथा वेजफेड की योजनाओं एवं गतिविधियों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
15 दिनों में सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
राम कृपाल यादव द्वारा प्रमंडलवार सहकारिता विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा पूरी कर ली गई है। उन्होंने सभी जिलों को 15 दिनों के भीतर सभी निर्देशों का अनुपालन करते हुए जिलावार प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा कार्यों की प्रगति एवं जवाबदेही की नियमित निगरानी की जाएगी।
बैठक में सहकारिता विभाग के अपर सचिव अभय कुमार सिंह, अपर निबंधक विकास कुमार बरियार, संबंधित जिलों के पदाधिकारी तथा विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।