बिहार में समय पर होंगे पंचायत चुनाव, EVM से होगी वोटिंग; नया आरक्षण रोस्टर भी होगा लागू
Patna News: बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर सरकार ने विराम लगा दिया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पंचायत चुनाव तय समय पर ही कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी और सरकार सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है।
नालंदा में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने बताया कि इस बार पंचायत चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से कराए जाएंगे। साथ ही, कानूनी प्रावधानों के तहत नया आरक्षण रोस्टर भी लागू होगा। उन्होंने कहा कि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पहले से अधिक वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जिससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो सके।
आरक्षण रोस्टर पर सरकार का रुख साफ
पंचायती राज मंत्री ने कहा कि मौजूदा आरक्षण रोस्टर को लागू हुए 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। ऐसे में कानून के अनुसार अब नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के पंचायत चुनाव इसी नए रोस्टर के आधार पर होंगे, जिससे सामाजिक न्याय और सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व को और मजबूती मिलेगी।
देरी की अटकलों पर लगाया विराम
हाल के दिनों में तीसरे चरण के पदवार आरक्षण की प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण पंचायत चुनाव में देरी की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि मंत्री ने इन सभी कयासों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है और चुनाव निर्धारित समय पर ही संपन्न कराए जाएंगे।
पंचायतों को मिलेगा ज्यादा विकास फंड
दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार पंचायतों को अधिक आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। अतिरिक्त फंड मिलने से सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा और अन्य बुनियादी विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी। उनका कहना था कि मजबूत पंचायतें ही विकसित बिहार की मजबूत नींव हैं।
इन पदों के लिए होगा चुनाव
बिहार में पंचायत चुनाव के तहत 8,053 मुखिया, 1,09,635 वार्ड सदस्य, 8,053 सरपंच, 1,09,635 पंच, 11,085 पंचायत समिति सदस्य और 1,160 जिला परिषद सदस्य के पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। करोड़ों मतदाता और लाखों संभावित उम्मीदवार इस चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।
सरकार के ताजा बयान के बाद यह साफ हो गया है कि पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो चुकी हैं। अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ संभावित उम्मीदवारों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं।