पटना इफ्तार बना सियासी शक्ति प्रदर्शन: NDA की एकजुटता का संदेश, चिराग पासवान का विपक्ष पर करारा वार

 
Bihar Political News: रमजान के पवित्र माह में पटना स्थित लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास ) के कार्यालय में आयोजित इफ्तार समारोह इस बार सिर्फ सामाजिक सौहार्द तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा सियासी मंच बनकर उभरा। इस कार्यक्रम में नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, संजय झा सहित कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने सत्ता पक्ष की मजबूत एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए इंडियन नेशनल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल को निशाने पर लिया। उन्होंने हालिया राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष का बिखराव अब खुलकर सामने आ चुका है, जहां उनके अपने विधायक ही मतदान से गायब रहे।

चिराग पासवान ने साफ शब्दों में कहा कि महागठबंधन की एकता अब सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है और आने वाले समय में इसमें और टूट-फूट देखने को मिल सकती है। उनके इस बयान को बिहार की बदलती सियासी दिशा का संकेत माना जा रहा है।

जहां एक ओर विपक्ष की निष्क्रियता पर सवाल उठे, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अनुशासन और एकजुटता का परिचय देते हुए सभी विधायकों की उपस्थिति के साथ अपनी रणनीतिक मजबूती दिखाई। विपक्षी खेमे के चार विधायकों की गैरहाजिरी ने उनकी साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वर्गीय राम विलास पासवान की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी, जो राजनीतिक परंपरा और सम्मान का प्रतीक बन गया।

कुल मिलाकर, यह इफ्तार आयोजन एक ऐसे सियासी मंच में तब्दील हो गया, जहां एक ओर सामाजिक सौहार्द दिखा, तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष की रणनीतिक मजबूती और विपक्ष की कमजोरी भी खुलकर सामने आ गई। बिहार की राजनीति में इसके दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं।