पीके कॉरपोरेट फंडिंग का खेल कर रहे हैं, नीरज कुमार बोले- 6 करोड़ वाली कंपनी 14 करोड़ का डोनेशन दे रही है
जेडीयू ने जन सुराज पार्टी को फंड देने वाली कंपनियों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी की रजिस्ट्रेशन, फंडिंग और पारदर्शिता को लेकर 5 सवाल पूछा था। सिर्फ एक का उत्तर आया है। प्रशांत किशोर कॉरपोरेट फंडिंग का खेल कर रहे हैं। पीके अब अशांत किशोर बन गए हैं।
जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि जन सुराज में शरद कुमार मिश्रा, विजय शाहू और अजित सिंह तीन प्रमुख लोग हैं। सही लोग दिल्ली के पते पर हैं। चुनाव आयोग के दस्तावेज में जन सुराज संरक्षक के तौर पर क्यों नहीं लिखते हैं। जॉय ऑफ लिविंग ग्लोबल फाउंडेशन के तहत जन सुराज का फेलोशिप चलाया जा रहा है। कंपनी एक्ट के तहत एनजीओ के जरिए राजनीतिक दल चलाकर फर्जी ढोंग कर रहे हैं।
नीरज कुमार ने आगे कहा कि यंग लीडर प्रोग्राम के तहत लोगों को नौकरी देते हैं। कई बार जॉय ऑफ लिविंग ग्लोबल फाउंडेशन के डायरेक्ट बदले गए हैं। पार्टी के अध्यक्ष शरद कुमार मिश्रा अभी कंपनी के डायरेक्टर हैं। पीके एनजीओ का काम अपनी पार्टी के लिए कर रहे हैं। इस कंपनी को राम सेतु इंफ्रा स्ट्रक्चर ने डोनेशन दिया। कंपनी का कुल संपत्ति सिर्फ 6 करोड़ है। इसके बाद भी 14 करोड़ का डोनेशन दिया। कंपनी के नाम में ही हेरा-फेरी है।
जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि 1 लाख संपत्ति वाली कंपनी भी करोड़ों में डोनेशन दे रही है। जॉय ऑफ लिविंग ग्लोबल फाउंडेशन राजनीतिक गतिविधियों के लिए कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं। किस काम के लिए बार-बार बदले जाते हैं। तेलंगाना की कई कंपनियों की आमदनी कम है। आमदनी से कई गुणा अधिक डोनेशन कैसे दिया जाता है। उन्हें ये स्पष्ट करना चाहिए। पीके कंपनी एक्ट का उल्लंघन कर रहे हैं।