आरा हत्याकांड और नालंदा में सिपाही की मौत पर PK का हमला, बोले- अपराधियों के भरोसे चल रही बिहार सरकार

बिहार में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सम्राट सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
 

बिहार में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सम्राट सरकार पर जोरदार हमला बोला है। आरा में सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी की हत्या और नालंदा में शराब तस्करों की गोली से सिपाही की मौत को लेकर पीके ने सरकार और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब बिहार में लोग अपराधियों को चुनकर सदन में भेजेंगे और सरकार अपराधियों के प्रभाव में चलेगी, तो अच्छे समाज, अच्छे लोगों और रोजगार की कल्पना कैसे की जा सकती है?

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार में पुलिस-प्रशासन का ध्यान अपराध नियंत्रण पर नहीं, बल्कि शराबबंदी और बालू माफिया से जुड़े मामलों में पैसा कमाने तथा अपराध को संरक्षण देने पर है। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य में अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होगा, तब तक बिहार में बेहतर व्यवस्था स्थापित करना मुश्किल है।

वहीं, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र समेत एमएलसी चुनाव की तैयारियों पर भी प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव सरकार बनाने या सरकार हटाने का चुनाव नहीं है, बल्कि सरकार पर अंकुश लगाने का चुनाव है। पीके के मुताबिक, अगर कोसी क्षेत्र में भाजपा से जुड़े एनके यादव चुनाव हारते हैं, तो भाजपा के विधायकों, सांसदों से लेकर दिल्ली में बैठे नेताओं तक को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि लोग भाजपा से विमुख क्यों हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ेगी और लोकतंत्र मजबूत होगा।

इसके अलावा, राघोपुर नाव हादसे में एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत पर भी प्रशांत किशोर ने दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि आज के दौर में नाव पर सवार 20 से 25 बच्चों के डूबने जैसी घटना होना और समय पर एनडीआरएफ या एसडीआरएफ की मौजूदगी नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

पीके ने कहा कि जब लोग अपने और अपने बच्चों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के बजाय जाति और धर्म के आधार पर बंटकर वोट देते हैं, तो व्यवस्था में सुधार की उम्मीद करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इस हादसे को व्यवस्था की खामियों का उदाहरण बताते हुए कहा कि बिहार में लोगों को जाति-धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर ध्यान देना होगा।

प्रशांत किशोर के इन बयानों के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था, राजनीतिक जवाबदेही और आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी बहस तेज होने के आसार हैं।