कारगिल विजय दिवस पर PM मोदी ने शहीदों को किया नमन, ‘मन की बात’ में सैनिकों से लेकर छात्रों और वैज्ञानिकों की उपलब्धियों का किया जिक्र

 

New Delhi: कारगिल विजय दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश के वीर जवानों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले सैनिकों को याद करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है। दुर्गम पहाड़ियों, कठिन मौसम और दुश्मन की चुनौतियों के बावजूद भारतीय सैनिकों ने जिस वीरता के साथ मातृभूमि की रक्षा की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सभी वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के शानदार प्रदर्शन की सराहना

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने देश के होनहार छात्रों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फिजिक्स ओलंपियाड में भारत के सभी पांच प्रतिभागियों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश को पहली रैंक दिलाई। केमिस्ट्री ओलंपियाड में भी भारतीय छात्रों ने स्वर्ण पदक हासिल किए।

उन्होंने बायोलॉजी और गणित ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवा शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

खेल जगत की उपलब्धियों का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने भारतीय खिलाड़ियों की सफलता को भी देश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु की जापान ओपन में जीत और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लॉर्ड्स मैदान पर ऐतिहासिक टेस्ट मैच जीतने का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत के खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं और उनकी सफलता युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।

‘वन राइड, वन नेशन, वन सेल्यूट’ का संदेश

कारगिल के वीरों की शौर्यगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए आयोजित ‘शौर्य विजय यात्रा’ का भी प्रधानमंत्री ने जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल यात्रा 14 जुलाई को दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू हुई है और द्रास के कारगिल वॉर मेमोरियल तक जाएगी।

इस यात्रा का संदेश ‘वन राइड, वन नेशन, वन सेल्यूट’ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और ऐसी पहल युवाओं को वीर जवानों के साहस से जोड़ने का काम करती है।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर पीएम मोदी का जोर

प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती रक्षा और तकनीकी क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल किए गए आईएनएस महेंद्रगिरि को स्वदेशी क्षमता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्धपोत का डिजाइन और निर्माण भारत में हुआ है और इसमें बड़ी मात्रा में स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

पीएम मोदी ने DRDO के पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट के सफल परीक्षण और कुशा मिसाइल के परीक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मेहनत को दिया।

रक्षा उत्पादन और निर्यात में बढ़ रहा भारत का प्रभाव

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात के साथ-साथ मित्र देशों के साथ सहयोग के क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों से जुड़े समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की रक्षा तकनीक और स्वदेशी उपकरणों को लेकर भरोसा बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री के संबोधन में कारगिल के वीरों की शौर्यगाथा से लेकर भारतीय छात्रों, खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों तक देश की बढ़ती ताकत की तस्वीर दिखाई दी। उन्होंने कहा कि भारत अपने वीरों को केवल याद ही नहीं करता, बल्कि उनके साहस और बलिदान की प्रेरणा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी लगातार प्रयास कर रहा है।