पटना से पीएम मोदी का बिहार पर बड़ा हमला: कहा- राजद राज में बिहार “सड़ा हुआ पेड़” था, नीतीश ने दी नई जान, अब राज्य बढ़ रहा विकास की राह पर

 

Patna Desk: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान चढ़ गया है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विपक्षी दलों, खासकर राजद और लालू-तेजस्वी यादव पर करारा वार किया।


पटना में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “राजद के शासनकाल में बिहार की स्थिति एक सड़े हुए पेड़ जैसी हो गई थी। उस दौर में न स्कूल खुलते थे, न बच्चे पढ़ने जाते थे। लाखों लोग रोजगार की तलाश में बिहार छोड़कर बनारस, दिल्ली और मुंबई जाने को मजबूर थे- यही असली पलायन की शुरुआत थी।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी पेड़ की जड़ों में मिनरल्स नहीं जाते, तो उसे फिर से जीवित करना कठिन होता है। “लेकिन बिहार के लोगों ने नीतीश कुमार को मौका दिया, और नीतीश जी ने उस सड़े हुए पेड़ में फिर से जान डाल दी। अब बिहार की व्यवस्था बदली है और विकास का रास्ता खुल गया है,” पीएम मोदी ने कहा।

युवाओं और कौशल विकास पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले सरकार ने आईटीआई छात्रों के लिए दीक्षांत समारोह की परंपरा शुरू की थी, ताकि तकनीकी शिक्षा को भी वह सम्मान मिले, जो डिग्री कॉलेजों को मिलता है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “देश का भविष्य आपके कौशल, आपकी मेहनत और आपके सपनों से तय होगा। कौशल और शिक्षा ही बिहार के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी हैं।”

कर्पूरी ठाकुर पर बोले पीएम, राहुल पर परोक्ष निशाना

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कर्पूरी ठाकुर का नाम लेते हुए कहा- “नीतीश जी की सरकार ने विश्वविद्यालय का नाम भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा। कर्पूरी ठाकुर को जननायक बिहार की जनता ने बनाया था, सोशल मीडिया वालों ने नहीं। आजकल कुछ लोग उनके ‘जननायक’ शब्द को चोरी करने में लगे हैं, लेकिन जनता द्वारा दिया गया सम्मान कोई चुरा नहीं सकता।”
उनका यह बयान सीधे तौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है।

नीतीश और सम्राट भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित थे। दोनों नेताओं ने कार्यक्रम के दौरान बिहार के युवाओं के लिए चल रही कौशल विकास योजनाओं को विस्तार देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

चुनावी मौसम में पीएम मोदी के इस बयान को राजद पर अब तक का सबसे तीखा हमला माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने बिहार की विकास यात्रा को “राजद बनाम एनडीए” की लड़ाई के रूप में पेश करने की रणनीति अपनाई है।