दिल्ली दरबार में सियासी ‘पावर मीटिंग’: सम्राट चौधरी की एक के बाद एक मुलाकातों ने बिहार की राजनीति में बढ़ाया तापमान
दिलचस्प बात यह रही कि रक्षा मंत्री से मुलाकात के बाद सीएम ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की। इसके तुरंत बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से भी भेंट कर सियासी समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया।
सूत्रों के मुताबिक, भले ही इन बैठकों को औपचारिक बताया जा रहा हो, लेकिन अंदरखाने इसे “हाई-वोल्टेज बैकडोर डिप्लोमेसी” के तौर पर देखा जा रहा है। जैसे ही इन मुलाकातों की तस्वीरें सामने आईं, बिहार की राजनीति में अटकलों का दौर तेज हो गया।
बताया जा रहा है कि इन बैठकों में “विकसित बिहार” का विजन प्रमुख एजेंडा रहा, जहां केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले समय की रणनीतिक तैयारी का संकेत भी हो सकती है।
राजनाथ सिंह पहले ही सम्राट चौधरी को बिहार भाजपा विधायक दल का नेता बनने पर शुभकामनाएं दे चुके हैं। ऐसे में इस मुलाकात को अनुभव और नेतृत्व के सियासी मार्गदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे “शिष्टाचार भेंट” बताया गया है, लेकिन सियासी हलकों में यह मुलाकात “दिल्ली का विकास संवाद” बन चुकी है जहां शब्द कम, लेकिन संकेत बेहद मजबूत माने जा रहे हैं।
सम्राट चौधरी की यह दिल्ली यात्रा बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की आहट दे गई है, जिसे हर दल अपने-अपने नजरिए से समझने और साधने में जुट गया है।