भागलपुर मंच पर ‘CM’ वाली पुकार से सियासी हलचल: सम्राट चौधरी को लेकर बढ़ी अटकलें, क्या बदलेगा समीकरण?

 
Bihar news: भागलपुर में ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान एक छोटी सी जुबानी चूक ने बिहार की राजनीति में बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम में सब कुछ तय स्क्रिप्ट के मुताबिक चल रहा था, लेकिन मंच से निकले एक शब्द ने पूरे माहौल का रुख बदल दिया।

दरअसल, जब डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को संबोधन के लिए बुलाया गया, तो एंकर ने पहले उन्हें उपमुख्यमंत्री कहा, लेकिन अगले ही पल ‘मुख्यमंत्री’ कहकर संबोधित कर दिया। बस, यही एक लफ्ज़ सियासी गलियारों में चर्चा और कयासों का कारण बन गया।

मंच पर मौजूद नेताओं ने भले ही इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन नीचे बैठी भीड़ में हलचल साफ नजर आई। फुसफुसाहटें तेज हो गईं और यह सवाल उठने लगा कि क्या यह महज एक गलती थी या फिर किसी बड़े राजनीतिक संकेत की झलक।

दिलचस्प बात यह रही कि सम्राट चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और सामान्य तरीके से अपना भाषण शुरू कर दिया। लेकिन राजनीति में अक्सर खामोशी भी कई मायने रखती है, और यही वजह है कि इस घटना को अब अलग-अलग नजरिये से देखा जा रहा है।

बिहार की सियासत में पहले से ही सीएम फेस को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। ऐसे में मंच से निकला यह एक शब्द नई बहस को जन्म दे गया है। खासकर तब, जब भाजपा खेमे में सम्राट चौधरी का कद लगातार बढ़ता दिख रहा है।

जातीय समीकरण की दृष्टि से भी यह मामला अहम माना जा रहा है। नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की जोड़ी को ‘लव-कुश’ समीकरण के तौर पर देखा जाता है, जो राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

फिलहाल, यह साफ है कि भागलपुर का यह मंच अब सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि एक ऐसी सियासी घटना बन गया है, जिसने आने वाले दिनों की राजनीति को लेकर नई अटकलों को हवा दे दी है।