राज्यसभा चुनाव के बाद बिहार में सियासी भूचाल: ‘गायब’ विधायकों पर कांग्रेस का हंगामा, महागठबंधन में दरार के संकेत

 
Bihar News: बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ा दिया है। सभी पांचों सीटों पर राष्ट्रीय डेमोक्रेटिक अलायंस की जीत के बाद विपक्षी खेमे में खलबली मच गई है। खासकर कांग्रेस के तीन और RJD के एक विधायक की अनुपस्थिति ने सियासत को और गरमा दिया है।

कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह “वोट चोर” और “विधायक चोर” की राजनीति का नतीजा है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

इसी मुद्दे पर विरोध जताने के लिए कांग्रेस ने पटना स्थित सदाक़त आश्रम के बाहर पुतला दहन और प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर आवाज उठाई जाएगी।

दूसरी ओर, इस घटनाक्रम ने महागठबंधन के भीतर भी दरार के संकेत दे दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और राजद के बीच रिश्तों में खटास बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि गायब विधायकों से संपर्क करने के लिए पार्टी की ओर से दर्जनों कॉल किए गए, लेकिन न तो कॉल का जवाब मिला और न ही विधायक मतदान के लिए पहुंचे।

गौरतलब है कि कांग्रेस के जिन विधायकों की गैरहाजिरी चर्चा में है, उनमें मनिहारी के मनोहर प्रसाद, फारबिसगंज के मनोज विश्वास और वाल्मीकिनगर के सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा शामिल हैं। वहीं राजद के विधायक फैसल रहमान की अनुपस्थिति ने भी पार्टी के अंदर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कुल मिलाकर, राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने सिर्फ सत्ता पक्ष की जीत ही नहीं दिखाई, बल्कि विपक्ष की अंदरूनी कमजोरी को भी उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि यह सियासी उठापटक आगे बिहार की राजनीति को किस दिशा में ले जाती है।