राबड़ी बनाम सरकार: आवास पर पहुंची भारी पुलिस फोर्स, राबड़ी देवी ने कहा था- ‘सम्राट चौधरी फोर्स भेजकर खाली करवा लें’
Patna: बिहार की राजनीति में चर्चित 10 सर्कुलर रोड सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद अब और गरमा गया है. शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई. पुलिस टीम के पहुंचने के बाद बंगला खाली कराने की अटकलें भी शुरू हो गईं.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक दिन पहले ही राबड़ी देवी ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि यदि उन्हें बंगला खाली कराना है तो “फोर्स भेजकर खाली करवा लें, मैं खुद से नहीं छोड़ूंगी.” उनके इस बयान के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग ले चुका है. राबड़ी देवी ने गाजियाबाद से पटना लौटने के बाद कहा था कि वह बंगला खाली नहीं करेंगी. सम्राट चौधरी फोर्स भेजकर आवास खाली करवा लें. बताया जा रहा है कि पुलिस बल का नेतृत्व एसडीपीओ सचिवालय अनु कुमारी कर रही हैं. वह राबड़ी आवास के अंदर गई हैं. लालू प्रसाद यादव अपने रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए सिंगापुर गए हुए हैं.
भवन निर्माण विभाग ने जारी किया है नोटिस
पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास खाली करने का एक बार फिर नोटिस भेजा गया है. भवन निर्माण विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया. विभाग की ओर से यह तीसरा नोटिस बताया जा रहा है. नोटिस में कहा गया है कि यह आवास अब पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है, इसलिए इसे जल्द खाली किया जाए.
राबड़ी देवी को आवंटित है 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास
भवन निर्माण विभाग के मुताबिक, नवंबर 2025 में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था. विभाग का कहना है कि नया आवास उन्हें आवंटित कर दिया गया है. उसके बावजूद उन्होंने अब तक पुराना आवास खाली नहीं किया है.
राबड़ी देवी ने क्या कहा था?
राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा था कि वह स्वेच्छा से बंगला खाली नहीं करेंगी. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि सरकार में दम है तो पुलिस और फोर्स भेजकर आवास खाली करा ले. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया था.
क्यों खास है 10 सर्कुलर रोड?
10 सर्कुलर रोड बिहार की राजनीति का एक बेहद चर्चित पता माना जाता है. मुख्यमंत्री रहते हुए राबड़ी देवी इसी आवास में रहती थीं और बाद में भी यह बंगला लालू परिवार की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहा. यही वजह है कि इस आवास से जुड़ा हर विवाद राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है.